अखिलेश से नाराजगी पर आजम का जवाब:बोले- मुझे तो यह जानकारी आपसे मिली है, मेरी किसी से नाराजगी की हैसियत नहीं

रामपुरएक महीने पहले

आजम खान ने रविवार को अखिलेश से नाराजगी से जुड़े सवाल पर मीडिया को जवाब दिया। रामपुर में एक मीडियाकर्मी के सवाल पर उन्होंने कहा- मुझे तो नाराजगी की जानकारी आपसे मिल रही है। मेरी किसी से नाराजगी की हैसियत नहीं है। नाराज होने के लिए कोई आधार चाहिए। मैं खुद ही निराधार हूं तो आधार कहां से आएगा।

रविवार को रामपुर जेल से बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही। आजम खान रविवार को अपने करीबी गुड्‌डू मसूद से मुलाकात करने के लिए रामपुर जेल पहुंचे थे।

"मैं चुना गया हूं, विधानसभा क्यों नहीं जाऊंगा"
आजम ने सोमवार को विधानसभा सत्र में शामिल होने पर कहा, "विधानसभा मेरे लिए कोई नई जगह नहीं है। 10वीं बार जाऊंगा उस हाउस में। क्यों नहीं जाऊंगा। मैं चुना गया हूं। जनता ने भेजा है।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, लेकिन शपथ तो लेना ही है। कोशिश करूंगा कि शपथ लूं।

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आजम ने कहा, "मैं गरीब आदमी, गली में रहने वाला। हां एक खता हुई थी। बच्चों के हाथ में कलम देना चाहा था और चाहा है। मिशन आज भी जिंदा है। अगर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चल भी जाएगा, तो टूटे हुए खंडहर, बनी हुई इमारतों से ज्यादा इतिहास का हिस्सा बनेंगे और लोग उन्हें देखने आएंगे।

"उनके किस्से और कहानियां उनके वालिद, दादी-दादा, नाना-नानी सुनाया करेंगे। वो बताएंगे कैसा अन्याय हुआ था। हमारे किस्से सुनाए जाएंगे। हम पर हुए जुल्म की कहानियां सुनाई जाएंगी। क्यों भाई क्या उसे भुला दोगे।"

रविवार को रामपुर जिला जेल के बाहर समर्थकों के साथ आजम खान। उन्होंने जेल में अपने करीबी से 10 मिनट तक मुलाकात की।
रविवार को रामपुर जिला जेल के बाहर समर्थकों के साथ आजम खान। उन्होंने जेल में अपने करीबी से 10 मिनट तक मुलाकात की।

कपिल सिब्बल की तारीफ की
आजम ने कहा, "तंग गली में रहने वाला, एक ऐसा शख्स जिसका पूरी दूनिया में सिर्फ दो एकाउंट है और वो उसकी सैलरी के खाते हैं। एक विधानसभा का और एक पार्लियामेंट का। आजम ने कपिल सिब्बल की तारीफ करते हुए कहा, "उन्होंने जो किया है, जिस तरह से हमारी पैरवी की है, वो एक वकील की पैरवी नहीं थी। जिसकी ये हैसियत नहीं थी कि वो एक पैरवी की भी फीस दे सकता हो। उन्होंने शायद वो हक अदा किया जो लहू के रिश्ते भी नहीं कर सकते।"

सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि कमजोरों के लिए इंसाफ बाकी
आजम ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने वो किया है, जो कोई नहीं कर सकता है। वहां न मेरे धर्म का कोई था, न मेरी जाति का और न प्रदेश का। लेकिन इंसाफ के तगाजों को सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा पूरा किया है, वो साबित किया है कि विधाता ने जो पावर उन्हें दी है, उन्होंने उसका सही और जायज इस्तेमाल करके यह बता दिया कि कमजोर लोगों के लिए इंसाफ बाकी है।"

नंगा नाच किसने नहीं देखा
आजम ने कहा, "सदस्य तो मैं लोकसभा का भी था और जिन हालात में मैंने चुनाव जीता था आप जानते ही हैं। सरकार, प्रशासन, पुलिस, उस समय का कलेक्टर। जो हुआ था नंगा नाच किसने नहीं देखा। मैं तकरीबन साढ़े तीन साल संसद सदस्य रहा। जिनमें करीब डेढ़ साल जेल में रहा, लेकिन मुझे रहने के लिए आवास नहीं मिला। आजाद हिंदुस्तान का ये भी इकलौता इतिहास होगा।"

'जो मिलने आए उनका शुक्रिया, जो नहीं आए उनका भी शुक्रिया"
वहीं उनसे मिलने आने वाले लोगों को लेकर आजम ने कहा, न मैं किसी के आने पर कमेंट कर रहा हूं न किसी के न आने पर, जो आए उसका शुक्रिया, जो नहीं आ सके किन्हीं कारणों से उनका भी शुक्रिया, क्योंकि मैं नाराज होने की हैसियत में ही नहीं हूं। मुझे जो प्रोटेक्शन मिला है वो कोर्ट से मिला है। हम किसी ने नाराज नहीं हैं। आजम ने कहा, मेरे ख्याल से मेरे बारे में भाजपा के विधायकों और सांसदों ने भी ऐसी बात नहीं कही है, जिसके लिए मैं उन्हें दोषी ठहराऊं। वो एक एजेंडा था।

26 अगस्त 2020 को पुलिस ने गुड्डू मसूद को गिरफ्तार किया था। करीब 2 साल से रामपुर जेल में बंद है।
26 अगस्त 2020 को पुलिस ने गुड्डू मसूद को गिरफ्तार किया था। करीब 2 साल से रामपुर जेल में बंद है।

कौन है गुड्डू मसूद, जिनसे मिलने जेल गए आजम
गंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला अट्टा अल्लानूर निवासी गुड्डू मसूद सपा सरकार में गन्ना समिति का चेयरमैन बना था। साल 2019 में जब आजम खान और उनके करीबियों पर ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज हुए थे, इनमें डूंगरपुर में मकान तोड़ने, लूटपाट करने, जौहर यूनिवर्सिटी में कस्टोडियन की जमीन फर्जी तरीके से हथियाने, शहर कोतवाली में मोहल्ला घोसियान में मकान तोड़ने आदि मुकदमे दर्ज हुए थे। इसी में गुड्डू मसूद पर भी 3 मुकदमे लिखे गए थे।

इसके अलावा CAA को लेकर शहर कोतवाली व गंज थाना क्षेत्र में हुई हिसा में भी गुड्डू आरोपी था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। 26 अगस्त 2020 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह सीतापुर जेल में बंद है। उसे भी अभी तक जमानत नहीं मिल पाई है।

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