आजम की पत्नी और बेटे के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी:MP-MLA कोर्ट में पेशी पर न खुद पहुंचे और न ही वकील; आजम की जमानत पर भी सुनवाई टली

रामपुर3 महीने पहले

आजम खान और उनके परिवार की मुसीबतें कम होती नहीं दिख रही हैं। रामपुर के स्वार से विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्रों के मामले में बुधवार को MP-MLA कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अब्दुल्ला आजम और उनकी मां डॉ. तंजीन फातिमा के कोर्ट में पेश न होने पर दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी। वहीं आजम खान की जमानत पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है।

डॉ. तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम जब से जमानत पर जेल से बाहर आए हैं, किसी भी तारीख पर अदालत नहीं पहुंचे और लगातार गैरहाजिर रहे हैं। बुधवार को सुनवाई के दौरान इनके वकील भी कोर्ट नहीं पहुंचे। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। हालांकि, इस मामले में आज स्कूल के प्रधानाचार्य की गवाही हुई।

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कोर्ट ने पूछा-एक मामले में जमानत होते ही नया केस क्यों हो जाता है
रामपुर से सपा विधायक आजम खान की जमानत पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। कोर्ट ने आजम की जमानत को लेकर UP सरकार पर भी तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने यूपी सरकार के वकील से पूछा, "एक केस में जमानत मिलने के बाद आजम खान पर नया केस दर्ज हो जाता है। ऐसा क्यों हो रहा है? एक के बाद एक 89 केस दर्ज हो गए हैं।"

इस पर यूपी सरकार के वकील ने कहा- यह एक गलत धारणा है। हम इसे लेकर हलफनामा दाखिल करेंगे। इस मामले में अब 17 मई को सुनवाई होगी।

ED की टीम जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची
उधर, रामपुर में आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसना शुरू हो गया है। बुधवार को ED के आदेश पर जिले की राजस्व विभाग की टीम जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची। वहां पर अवैध कब्जे की जांच पड़ताल के लिए जमीन की पैमाइश की कार्रवाई की। एसडीएम सदर मनीष मीणा ने बताया कि ईडी लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर अमित मिश्रा के नेतृत्व में जौहर यूनिवर्सिटी में जांच पड़ताल की गई है।

ED के आदेश पर जिले की राजस्व विभाग की टीम जौहर यूनिवर्सिटी में पैमाइश करने पहुंची है। यह टीम पहले भी यहां पर सर्वे कर चुकी है।
ED के आदेश पर जिले की राजस्व विभाग की टीम जौहर यूनिवर्सिटी में पैमाइश करने पहुंची है। यह टीम पहले भी यहां पर सर्वे कर चुकी है।

आजम को हाईकोर्ट ने एक केस में मंगलवार को दी थी जमानत
मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड की संपत्ति गलत तरीके से अपनी यूनिवर्सिटी को ट्रांसफर कराने के मामले में जमानत दी थी। हालांकि, उसके बाद भी आजम जेल से बाहर नहीं आ पाए। इसकी वजह थी 2 मई को उनके खिलाफ दर्ज हुआ केस। इससे उनकी जेल से रिहाई पर ब्रेक लग गया।

रामपुर में फर्जी डॉक्यूमेंट से 3 स्कूलों की मान्यता कराने के मामले में आजम खान पर 2 मई को रामपुर में ही केस दर्ज किया गया था। यह केस भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया है। आकाश ने ही आजम खान के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था। आरोप है कि आजम खान ने यतीमखाना की जमीन पर बने रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता लेने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया था।

ईडी और राजस्व विभाग की एक टीम जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची। यहां अवैध कब्जे की जांच पड़ताल की।
ईडी और राजस्व विभाग की एक टीम जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची। यहां अवैध कब्जे की जांच पड़ताल की।

आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था
करीब 5 महीने से बेल का इंतजार कर रहे आजम खान ने फैसले में देरी होते देख सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले ही यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक एप्लिकेशन दाखिल की। इसमें कहा कि उसे इस मामले में कुछ नए तथ्य पेश करने हैं। इसलिए इस मामले में फिर से सुनवाई की जाए। इसी मामले पर 11 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

अखिलेश बोले- आजम जल्द जेल से बाहर आएंगे

उधर, आजमगढ़ पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा- 'मुझे उम्मीद है कि जिस तरह से हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में बहस पूरी हो चुकी है, बहुत जल्द आजम खान बाहर आएंगे। सरकार की लगातार कोशिश रही है कि उनपर इतना दबाव हो कि वे जेल से बाहर ही नहीं निकल पाए। हमें उम्मीद है कि उनके साथ न्याय होगा।'

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