पैरोल के एक साल बाद भी नहीं लौटे 19 बंदी:सहारनपुर जेल से तीन महीने के लिए 57 बंदी आए थे बाहर, अब पुलिस कर रही तलाश

सहारनपुर4 महीने पहले
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सहारनपुर में कोरोना काल में पैरोल पर बाहर आए बंदी जेल प्रशासन के लिए अब मुसीबत बन गए हैं। 19 बंदी जिला जेल वापस नहीं लौटे हैं। पुलिस अब उनकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

जेल अधीक्षिका अमिता दुबे ने बताया, "कोरोना काल में जिला जेल से 57 बंदियों को तीन महीने की पैरोल मिली थी। पैरोल खत्म हुए एक साल हो गया है। 10 को पुलिस खोजकर लाई है। जबकि 28 बंदी पुलिस के डर से खुद ही हाजिर हो गए। लेकिन 19 बंदी अभी तक लौटकर वापस नहीं आए हैं।"

जेल अधीक्षिका अमिता दुबे ने बताया, "इस संबंध में पुलिस प्रशासन को बार-बार पत्र लिखा गया है।"
जेल अधीक्षिका अमिता दुबे ने बताया, "इस संबंध में पुलिस प्रशासन को बार-बार पत्र लिखा गया है।"

अमिता दुबे ने बताया, "पुलिस कुछ बंदियों को पकड़कर भी लाई है। लेकिन अभी भी कई बंदी ऐसे हैं। जो वापस नहीं आए हैं। पुलिस दर्ज पते पर जाती है, लेकिन कैदी वहां पर नहीं मिलते हैं। वह कहां है और क्या काम कर रहे हैं, किसी को कुछ भी पता नहीं है।"

जून 2021 में जेल में मिला था पहला कोरोना केस
सहारनपुर में मार्च 2020 में कोरोना का पहला केस मिला था। उसके बाद से यहां कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते गए। जून 2021 जिला कारागार में भी कोरोना के मरीज मिले। ऐसे में जेल प्रशासन ने बंदियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जुलाई 2021 में पैरोल देने का निर्णय किया, जो किसी न किसी बीमारी के शिकार थे। जिसके बाद 57 बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था।

सहारनपुर में मार्च 2021 में कोरोना का पहला केस मिला था। उसके बाद से धीरे-धीरे कोरोना के केस बढ़ने शुरू हो गए थे।
सहारनपुर में मार्च 2021 में कोरोना का पहला केस मिला था। उसके बाद से धीरे-धीरे कोरोना के केस बढ़ने शुरू हो गए थे।

जेल अधीक्षिका बोलीं- जेल में क्षमता से अधिक हैं कैदी जेल अधीक्षिका के मुताबिक 700 की क्षमता वाली जिला कारागार में करीब 2200 बंदी और 300 कैदी बंद है। कोरोना की पहली लहर में प्रदेश भर के जेल में बंद खतरनाक बंदियों/ कैदियों को छोड़कर बाकी को पैरोल देने के आदेश हुए थे। यह बंदी वह थे, जिन पर हल्की धाराओं में मुकदमे दर्ज थे।

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