पार्षदों ने चौराहों का नाम बदलने को सौंपा मांग पत्र:पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल मेयर और नगरायुक्त से मिला

सहारनपुर6 महीने पहले
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मेयर संजीव वालिया को मांग पत्र - Dainik Bhaskar
मेयर संजीव वालिया को मांग पत्र

योगी सरकार में स्टेशनों और शहरों के नाम बदलने के बाद अब सहारनपुर में भी मुस्लिम समाज के लोग भी चौक-चौराहों के नाम बदलने को लेकर आवाज बुलंद करने लगे हैं। शुक्रवार को पार्षद मंसूर बदर के नेतृत्व में पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल मेयर और नगर आयुक्त से मिला। मुस्लिम पार्षदों ने मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि बाजार नखासा का नाम हजरत शाह हारून चिश्ती के नाम पर आजाद कालोनी चंद्रभान मार्ग का नाम मौलाना महमूद उल हसन शेखुल हिंद के नाम पर और प्रताप नगर चौक का नाम पूर्व राष्ट्रपति डा.एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखने की मांग की। पार्षदों ने कार्यकारिणी समिति की मीटिंग में प्रस्ताव लाने के लिए पत्र सौंपा।

चिश्ती ने बसाया था सहारनपुर
पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि सुलतान मोहम्मद आदिल शाह बिन गयासुद्दीन तुगलक के दौरे ए सल्तनत 726 हिजरी के मुताबिक 1364 ई. में हजरत शाह हारून चिश्ती ने सहारनपुर बसाया था। इसलिए इस मार्ग का नाम उनके नाम पर रखा जाए। उन्होंने बताया कि मौलाना ने सारी उम्र हिंदुस्तान को आजाद करवाने में वक्फ कर दी। 1915 में मौलाना ने रेशमी रुमाल की तहरीक का आगाज किया। अग्रेजो ने मौलाना को रोम सागर के माल्टा टापू के जंगी कैदखानों में 4 सालों तक साथियों के साथ कैद कर लिया। कैद से बाहर आने पर मौलाना ने हिंदुस्तान आकर अंग्रेजों के खिलाफ महात्मा गांधी के साथ मिलकर आजादी की लड़ाई को नया आयाम दिया।

मंसूर बदर ने प्रताप नगर चौक का नाम पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया। मंसूद बदर, सईद सिद्दीकी, डा.अहसान और शाहिद क़ुरैशी ने बताया कि कलाम साहब का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वर में हुआ व महान वैज्ञानिक और एरोनॉटिक इंजीनियर रहे पूरा विश्व उनको मिसाइल मैन और जनता का राष्ट्रपति के रूप में जानती है। इस दौरान पार्षदों में शहजाद मलिक, सईद सिद्दीकी, डा.अहसान, हाजी बहार अंसारी, शाहिद कुरैशी, नौशाद राजा, सलीम अंसारी, शकील, नसीम मौजूद रहे।