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  • ADM (Administration) Bid; During The Corona Period, The Education And Examination Of The Children Of The Parents Whose Work Has Been Affected And The Job Has Been Lost Will Not Stop.

सहारनपुर में फीस के अभाव नहीं रूकेगी छात्रों की पढ़ाई:ADM (प्रशासन) बोली;कोरोना काल में जिन अभिभावकों के कार्य प्रभावित हुई है और नौकरी चली गई, उनके बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा नहीं रूकेगी

सहारनपुर8 दिन पहले
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बैठक लेती ADM (प्रशासन)  डा.अर्चना - Dainik Bhaskar
बैठक लेती ADM (प्रशासन) डा.अर्चना

सहारनपुर में कोरोना काल के कारण बहुत से अभिभावकों के कार्य पर प्रभाव पड़ा है। कहीं की नौकरी तक चली गई है। जिस कारण उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधक अभिभावकों पर फीस का दबाव बना रहे हैं और बच्चों की परीक्षा भी नजदीक है। जिला प्रशासन से अभिभावक इसकों लेकर ज्ञापन भी दे रहे हैं। ऐसे में ADM (प्रशासन) डा.अर्चना द्विवेदी ने CBSI व ICSE संबद्धता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्य को कोरोना के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों में फीस के अभाव में बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा से वंचित न करने के निर्देश दिए है।
तीन सालों का मांगा ब्यौरा
मंगलवार देर शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में ADM (प्रशासन) ने जिला विद्यालय निरीक्षक से शैक्षिक सत्र 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में छात्रों की संख्या का ब्यौरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा तीन सालों की रिपोर्ट 20 सितंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को कहा कि किसी भी विद्यालय में छात्रों की संख्या घटनी नहीं चाहिए। अन्यथा की स्थिति में संबंधित विद्यालयों को कारण बताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय शैक्षिक सत्र 2020-21 एवं 2021-22 में कक्षावार ड्राफ्ट आउट कितना हुआ है, इसका विवरण भी देंगे और क्या कारण है।
फीस देने वाले अभिभावकों की लिस्ट बनाए
ADM (प्रशासन) ने कहा कि विद्यालयों में पढ़ने वाले ऐसे विद्यार्थियों की सूची बनाई जाए, जिनके अभिभावक फीस देने में सक्षम है और बच्चों की फीस जमा नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को यदि फीस के संबंध में विद्यालय प्रबंधन से कोई शिकायत है तो पहले वह अपनी लिखित शिकायत स्कूल प्रबंधन को देंगे।
रिड्रेसल कमेटी का गठन
स्कूल में आने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित स्कूल रिड्रेसल कमेटी का गठन करेंगे। जिसमें प्रधानाचार्य के अलावा अभिभावक एवं स्कूल प्रबंधन को शामिल किया जाएगा। यह कमेटी अभिभावको की लिखित शिकायत का लिखित रुप से निस्तारण करेगी और लिखित रुप से अभिभावको को अवगत कराएगी। इसके बाद भी यदि कोई अभिभावक संतुष्ट नहीं होता है तो वह अपनी शिकायत को जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से DFRSC के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय प्रबंधन यूपी स्ववित्तपोषित स्वंतत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2018 के प्राविधानों का अनुपालन करना होगा।
विद्यालयों में सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया जाए
ADM (प्रशासन) ने विद्यालयों में सड़क सुरक्षा समिति का गठन करने के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए। स्कूलों में संचालित बसों, वैन की फिटनेस रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। सभी विद्यालयों में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन होना चाहिए। सभी शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी मास्क का प्रयोग अवश्य करें। विद्यालय में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। वर्तमान में संचारी रोगो, डेंगू, वायरल बुखार आदि से बचने के लिये आस-पास में जलभराव न हो। झाडि़यो आदि की नियमित सफाई कराई जाए। विद्यालय परिसर में फॉगिंग कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक रविदत्त, सचिव प्रोगेसिव स्कूल सोसायटीज सुधीर जोशी, प्रधानाचार्य पाईनवुड स्कूल डा.संजीव जैन, प्रधानाचार्य रेनबो स्कूल धर्मेन्द्र रावत, प्रधानाचार्या सैंट मैरीज एकेडमी सिस्टर ऑगस्टीन, नगर शिक्षा अधिकारी निशा एवं अन्य विद्यालयों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।

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