सीफार के सहयोग से जागरूक मीडिया कार्यशाला:ASP प्रीति यादव बोलीं, महिलाओं को खुलकर बोलना चाहिए; किसी भी ज्यादती की जानकारी हेल्पलाइन 1090 पर दें

सहारनपुर10 दिन पहले
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समारोह का शुभारंभ करती आईपीएस प्रीति यादव। - Dainik Bhaskar
समारोह का शुभारंभ करती आईपीएस प्रीति यादव।

सहारनपुर में दिल्ली रोड स्थित सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) संस्था के सहयोग से जागरूक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। मिशन शक्ति के तहत आयोजित कार्यशाला की शुरुआत करते हुए मुख्य अतिथि आईपीएस प्रीति यादव ने कहा कि किशोरियां और महिलाएं अपने साथ होने वाली किसी भी ज्यादती की जानकारी अपने परिवार और पुलिस-प्रशासन को दें।

उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि खुलकर बोलना चाहिए और चुप्पी तोड़नी चाहिए। आपकी हरसंभव मदद की जाएगी। पुलिस की मदद के लिए 1090 पर कॉल करने वाली पीड़िता से कोई ऐसा सवाल नहीं किया जाता जो उसे असहज करने वाला हो। इसके साथ ही पीड़िता को थाने या चौकी जाने की भी जरूरत नहीं होती, उनकी पहचान छिपाकर रखी जाती है। इसलिए महिलाएं और किशोरियां बे-झिझक अपनी शिकायत टोल फ्री नंबर पर करें।

पुरुष के बराबर है महिलाएं

समारोह में बोलते वक्ता।
समारोह में बोलते वक्ता।

सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) की नेशनल प्रोजेक्ट लीड रंजना द्विवेदी ने कहा कि मिशन शक्ति के चौथे चरण में 100 दिन तक चलने वाले अभियान और गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जागरूक मीडिया कार्यशाला आयोजित की जा रही हैं। कार्यशाला में राजकीय बालिका इंटर कालेज (जीजीआईसी) की प्रधानाचार्य शोभा ने महिला, पुरुष की बराबरी की पैरवी करते हुए कहा कि दोनों गाड़ी के दो पहियों की तरह आगे बढ़ेंगे तो परिवार, समाज और देश उन्नति के पथ पर आगे बढे़गा। उन्होंने कहा कि स्वावलंबन के बिना महिलाओं का सम्मान संभव नहीं है। मीडिया स्वावलंबी महिलाओं की सक्सेस स्टोरी प्रकाशित कर अन्य महिलाओं को प्रेरित करने का काम करें।

मीडिया से मिशन शक्ति अभियान में सहयोग की अपील
कार्यशाला में उप निदेशक महिला कल्याण विभाग पुष्पेंद्र कुमार ने मीडिया से अपील करते हुए मिशन शक्ति-4 अभियान में सहयोग करने की अपील की। जिला प्रोबेशन अधिकारी (शामली) मुशफकीन ने सहारनपुर मंडल में महिला एवं बाल विकास द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत चलाई जा रही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, बालिकाओं के लिए चलाए गए कवच अभियान, महिला शक्ति केंद्र, उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान योजना और स्पांसरशिप स्कीम के अलावा सखी-वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सखी-वन स्टाप सेंटर पर घरेलू हिंसा की स्थिति में पुलिस मदद, चिकित्सकीय सहायता, काउंसिलिंग, कानूनी मदद और अल्प आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोई पीड़िता यदि वन स्टाप सेंटर तक जाने में असमर्थ है तो उसे 112 की सेवा उपलब्ध कराई जाती है। पीड़िता टोल फ्री नंबर 181 पर कॉल करके 24 घंटे मदद ले सकती है।

मुजफ्फरनगर के प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष श्रीवास्तव ने एकीकृत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) सेवाओं की जानकारी दी। इसके पहले कार्यशाला की शुरुआत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तैयार कराई गई लघु फिल्म के प्रदर्शन से की गई। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों व मीडिया कर्मियों को रुपा हरित ने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ व बेटा बेटी में लिंग के आधार पर भेदभाव न करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन संदीप शर्मा ने किया। कार्यशाला में पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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