सहारनपुर के सांसद ने चंडीगढ़ रेलवे मीटिंग उठाए मुद्दे:विकलांग प्रमाण पत्र को सहारनपुर से जारी करने की मांग

सहारनपुर9 दिन पहले
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चंडीगढ़ में मीटिंग में शामिल रे - Dainik Bhaskar
चंडीगढ़ में मीटिंग में शामिल रे

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने गुरुवार को चंडीगढ़ में उत्तर रेलवे के अंबाला और फिरोजपुर मंडलों के क्षेत्राधिकार में आने वाले निर्वाचन क्षेत्रों के सांसदों व मंत्रियों के साथ बैठक की। रेल से संबंधित मामलों पर जन प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर उनका समाधान निकालने और राय शुमारी की गई। रेलवे अंबाला मंडल रेल प्रबंधक गुरिंद्र मोहन सिंह और फिरोजपुर मंडल की मंडल रेल प्रबंधक डा.सीमा शर्मा ने इन मंडलों द्वारा सेवित राज्‍यों व केंद्र शासित प्रदेशों-जम्‍मू एवं कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्‍तर प्रदेश और चंडीगढ़ के निर्वाचन क्षेत्रों पर यात्री सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और स्‍टेशनों व रेल गाड़ियों में विकास की गतिविधियों का प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। सहारनपुर से बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने बैठक में भाग लिया।

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल को ज्ञापन सौंपते सांसद हाजी फजलुर्रहमान
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल को ज्ञापन सौंपते सांसद हाजी फजलुर्रहमान

कोहरे से पहले बंद न हो ट्रेनों का संचालन
चंडीगढ़ में रेलवे मंडल अंबाला की मीटिंग में सहारनपुर के सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि जिले में रेलवे की समस्याओं से अवगत कराकर निस्तारण कराए। उन्होंने सहारनपुर रेलवे की प्रमुख समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा और उनके निस्तारण के लिए अपने सुझाव पेश किए। उन्होंने कहा कि कोहरे से पहले ट्रेनों का संचालन बंद न किया जाए। इससे जनता को परेशानी होती है। उन्होंने सहारनपुर रेलवे की प्रमुख समस्याओं के निस्तारण के संबंध में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक के पत्र सौंपा।

यह रखी मांगे
1. विकलांग प्रमाण पत्र व छूट दिए जाने का जो पास कार्यालय डीआरएम अंबाला डिवीजन जाकर बनवाया व जारी कराया जाता है। उक्त दोनों सुविधाएं जनपद सहारनपुर से ही जारी कराया जाए।
2. न्यायाधीशों, अधिवक्तागण, न्यायालय स्टाफ व आमजन जो इलाहाबाद हाईकोर्ट अपने मुकदमों की पैरवी व न्यायिक कार्यों के लिए गाजियाबाद से प्रयागराज एक्सप्रेस ट्रेन से जाते हैं। उनके लिए संगम एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12418, जो इलाहाबाद से जनपद मेरठ तक आती-जाती है। संगम एक्सप्रेस ट्रेन को सहारनपुर से चलाया जाए।
3. सहारनपुर से अंबाला पैसेंजर सुबह 6.30 बजे अतिशीघ्र चलती है एवं उसके बाद दूसरी ट्रेन काफी विलंब से सुबह 9.00 बजे प्रतिदिन अप/डाउन करती है, उक्त दोनों ट्रेनों के सुबह 6.30 बजे के बाद व 9 बजे से पहले चलाई जाएं।
4. हजारों छात्रों, व्यापारियों, रोगियों व आम जनमानस की सुविधा हेतु, सहारनपुर अंबाला के मध्य जो एक्सप्रेस ट्रेन संचालित होती है उनमें छात्रों, व्यापारियों, रोगियों व आम जनमानस हेतु अतिरिक्त जनरल कोच की संख्या बढ़ाई जाए।
5. महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत ट्रेन के लास्ट में महिला कोच न जोड़े जाकर महिला कोच को ट्रेन के मध्य में जुड़वाएं।
6. सहारनपुर रेलवे प्लेटफार्म पर कोच पोजिशन डिस्प्ले बोर्ड लगवाया जाए।
7. सहारनपुर के टपरी जंक्शन पर रात के समय में अहमदाबाद तथा जयपुर की तरफ जाने वाली महत्वपूर्ण गाड़ियां रवाना होती हैं। यदि यह ट्रेन सहारनपुर जंक्शन को होती हुई जाएं तो सहारनपुर व निकटवर्ती यमुना नगर आने-जाने वाले यात्रियों को काफी लाभ होगा।
8. सहारनपुर के टपरी जंक्शन पर प्लेटफार्म पर प्रकाश व्यवस्था कम होने से अंधेरा रहता है और डिस्प्ले बोर्ड पर कोच पोजीशन नहीं आती। अंधेरे में यात्रियों को भागदौड़ कर कोच तलाश करना पड़ता है एवं रात्रि में प्लेटफार्म पर सुरक्षा व्यवस्था भी अपर्याप्त रहती है एवं महत्वपूर्ण गाड़ियों का हॉल्ट टाईम भी कम है। उपरोक्त सभी समस्याओं का निस्तारण कराया जाए।
9. जनपद सहारनपुर से जो मंडल मुख्यालय का जनपद है, में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा न होने के कारण उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर आकस्मिक रूप से जाना पड़ता है। निकटवर्ती चंडीगढ़ पीजीआई एक सर्वोत्तम उच्च चिकित्सा केंद्र है। पीजीआई चंडीगढ़ में रजिस्ट्रेशन शुरू कराए जाने से पूर्व सहारनपुर से कोई सीधी ट्रेन सुबह के समय में नहीं है। इस हेतु एक ट्रेन सहारनपुर से चलकर चंडीगढ़ सुबह 6 बजे तक पहुंच जाए, का संचालन कराया जाए।
10. वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों को किराए में पूर्व में जो छूट मिलती थी, उसे बहाल किया जाए।
11. यात्रियों की सुरक्षा हेतु रात्रि में GRP/RPF के सुरक्षा बलों की विशेष रूप से तैनाती की जाए।
12. यात्रा के दौरान यात्रियों के आकस्मिक रूप से बीमार होने पर ट्रेन में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था व चिकित्सकों की तैनाती व समस्त उपकरणों की व्यवस्था की जाए।
13. रेलवे क्रासिंग पर जो भूमिगत अंडरपास मार्ग बनाए गए या बनाए जा रहे हैं। उनमें वर्षा ऋतु या वर्षा होने पर जलभराव हो जाने के कारण क्षेत्रीय किसानों, ग्रामीणों, दोपहिया वाहनों व पैदल चलने वाले राहगीरों को आवागमन में बाधा पैदा होती है। ऐसे स्थानों को चिन्हित कराकर उक्त जल भराव व पानी की निकासी प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
14. सहारनपुर-नागल मार्ग पर हरिद्वार-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर टपरी स्टेशन के पास टपरी रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्मित कराया जाए।
15. चिलकाना रोड से उत्तरी यमुना नहर की पटरी व संपर्क मार्ग जो अंबाला रोड को जोड़ते हैं, पर स्थित ग्राम भाऊपुर रेलवे क्रासिंग व चिलकाना रोड पर हलालपुर राजवाहे की पटरी, संपर्क मार्ग जो अंबाला रोड को कल्पना सिनेमा ओवर ब्रिज के बाद दबनी वाले कब्रिस्तान के पास जोड़ते हैं। उक्त दोनों रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्मित कराए जाए, ताकि यह दोनों मार्ग बाइपास के रूप में प्रयोग हो सके।
16. सहारनपुर से नई दिल्ली के लिए सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक और नई दिल्ली से सहारनपुर के लिए रात्रि 12 बजे तक मेल/एक्सप्रेस/सुपरफास्ट ट्रेन की सुविधा दी जाए।
17. विश्व प्रसिद्ध काष्ठ कला उद्योग हेतु देश विदेश से आने जाने वाले यात्रियों को दृष्टिगत रखते हुए सहारनपुर स्टेशन पर लौज की व्यवस्था कराई जाए।
18. सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर 54473 ट्रेन टपरी-नागल-तल्हेडी बुजुर्ग तीनों स्टेशनों पर रूकती है, जबकि 54474 तीनों स्टेशनों पर नहीं रूकती, उक्त तीनों स्टेशनों पर ट्रेन संख्या 54474 को रुकवाया जाए।
19. देवबंद-रुड़की रेलवे लाइन निर्माण कार्य में तेजी लाई जाकर कार्य पूरा कराया जाए।
20. सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर आईटीआई, धार्मिक स्थलों, काष्ठ कला उद्योग, होजरी उद्योग, आईटीसी, सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सालयों व अन्य प्रमुख स्थलों का डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए।
21. गाड़ी संख्या 54411 रेवाड़ी-मेरठ पैसेंजर को सहारनपुर तक व इसी तरह डाउन में 54412 को सहारनपुर से रेवाड़ी तक चलाया जाए।
22. सहारनपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म की कमी है, 2ND एंट्री (द्वितीय द्वार) पर कोई भी प्लेटफार्म नहीं है। सेकेंड एंट्री की तरफ दूसरे प्लेटफार्म का निर्माण करा दिया जाए तो गाड़ियों के आवागमन की समस्या दूर हो जाएगी तथा ट्रेन खड़ी नहीं हुआ करेगी।
23. सहारनपुर से वाया हैदराबाद होते हुए बैंगलोर या गोवा के लिए कोई ट्रेन नहीं है। सहारनपुर एक काष्ठ उद्यान नगरी है। यहां से देश विदेश में लकड़ी का सामान जाता है। यहां से हैदराबाद तथा बंगलौर तथा नासिक में लकड़ी का कारोबार करने वाले उद्मियों व कारीगरों के लिए कोई गाड़ी नहीं है। इसलिए जो गाड़ी चंडीगढ़ से बैंगलोर तथा गोवा के लिए चलती है, उस गाडी को वाया सहारनपुर चलाया जाए।
24. सहारनपुर से अंबाला के लिए जाने वाली जो गाड़ियां कोरोना महामारी के दौरान बंद कर दी गयी थी, उन गाड़ियों को पुनः चलाया जाए।
25. सहारनपुर से सुबह 08 बजे चलकर वाया मुरादाबाद होते हुए लखनऊ की तरफ एक गाडी का संचालन पूर्व में होता था जोकि काफी समय से बंद है। इस गाड़ी को दोबारा चलाया जाए।
26. सहारनपुर से लखनऊ के लिए गाड़ी संख्या 12231/12232 में एक कोच अतिरिक्त लगवाया जाए।
27. सहारनपुर रेलवे स्टेशन के द्वितीय द्वार/2ND एंट्री में जर्नल टिकट खिड़की है। यह खिड़की सुबह 6 बजे से 2 बजे तक खुलती है। इस खिड़की के खुलने का समाया शाम के यात्रियों की सुविधा के लिए 2 बजे से रात 10 तक बढ़ाया जाए।
28. देहरादून सहारनपुर एवं चंडीगढ़ के बीच एक ट्रेन चलाई जाये जिससे मेरे लोकसभा क्षेत्र के यात्रियों को हरियाणा, पंजाब व उत्तराखंड जाने में सुविधा होगी।
29. गाडी संख्या 19019/19020 हरिद्वार-मुंबई पूर्व में देहरादून मुंबई के बीच चला करती थी जोकि कोरोना महामारी के दौरान बंद कर दी गई थी। यह गाड़ी अब वाया टपरी से होकर जाती है। जिससे मेरे लोकसभा क्षेत्र के लोगों को सहारनपुर जंक्शन से शाम के समय देवबंद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, फरीदाबाद, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत, मुंबई जाने में कठिनाई हो रही है। इसलिए इस गाड़ी को पुनः वाया सहारनपुर हो कर चलाया जाए।
30. मेरठ और अंबाला के बीच चलने वाली गाडी जो सुबह 8:45 पर सहारनपुर आती थी। यह गाड़ी काफी समय से बंद है। इस गाडी को यथाशीघ्र चलाया जाए।
31. अंबाला दिल्ली एवं अंबाला-मेरठ स्पेशल ट्रेन जो वाया सहारनपुर होकर जाती थी। उक्त ट्रेन कोरोना महामारी के समय समय से बंद है। जिससे जनपद के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए इस ट्रेन को यथाशीघ्र चलाया जाए।
32. सहारनपुर रेलवे जंक्शन पर जो पुल सेकंड एंट्री से है वो पुल प्लेटफार्म नंबर 5-6 पर आकर समाप्त हो जाता है। अंबाला कैंट की तरह इस पुल को आरएमएस तक बढ़ा दिया जाए। जिससे इसकी एंट्री बाहर से हो जाएगी और यात्रियों को बार-बार उतरना चढ़ना नहीं पड़ेगा।
33. गाड़ी नंबर 14163/14164 को सहारनपुर तक या अंबाला तक बढ़ाने का जो प्रस्ताव लंबित है। इस प्रस्ताव को यथाशीघ्र स्वीकृत कर इस ट्रेन को चलाया जाए।
34. गाड़ी नंबर 14521/14522 इंटरसिटी एक्सप्रेस में केवल एक ही AC कोच है, जिसमें अधिक वेटिंग रहती है। इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा को देखते हुए अतिरिक्त AC कोच बढ़ाया जाए।
35. सहारनपुर से शाम 05:25 बजे चलकर प्रयागराज को जाने वाली गाडी नंबर 4512 नौचंदी एक्सप्रेस में कोच की कमी होने के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यात्रियों की सुविधा हेतु इस गाड़ी में में 4-5 अतिरिक्त कोच बढ़ाए जाएं एवं इस गाड़ी का सहारनपुर से चलने का समय दोपहर 02 बजे किया जाए ताकि ये गाड़ी अगले दिन सुबह 10 बजे से पूर्व प्रयागराज पहुंच जाए।
36. गाड़ी नंबर 12617/12618 जो निजामुद्दीन से सुबह चलने वाली ट्रेन ती है। इस गाड़ी को सहारनपुर या चंडीगढ़ तक बढ़ाया जाए। जिससे सहारनपुर तथा अन्य शहरों के लोगों को बहुत लाभ होगा।
37. गाडी नंबर 22659/22660 तथा 22917/22918 तथा 12911/12912 तथा 12401/12402 का ठहराव टपरी जंक्शन पर कर दिया जाए। जिससे जनपद के सभी लोगों को इससे लाभ होगा।
38. सहारनपुर से सुबह 08 बजे चलकर लखनऊ को जाने वाली बहुत पुरानी गाडी जोकि पिछले लगभग 2 वर्षों से बंद पड़ी है, जो सहारनपुर से लखनऊ जाते हुए सभी छोटे स्टेशनो बलिया खेड़ी, इकबालपुर, रुड़की, चुड़ियाला, दौसा, लक्सर, नजीबाबाद आदि स्टेशनो पर रूकती थी। जिससे सहारनपुर के मजदूर, व्यापारी, छात्र-छात्राएं, सर्विस क्लास व विभिन्न गांव के लोग भी सफर करते थे। इस गाड़ी का जल्द से जल्द चलाया जाए।
39. देहरादून से बांद्रा-देहरादून के बीच चलने वाली गाडी संख्या 09019/09020 सहारनपुर से शाम 4 बजे के करीब दिल्ली, कोटा, रतलाम, बड़ोदरा, सूरत तथा बांद्रा के लिए रवाना होती थी। अब इस गाडी का संचालन हरिद्वार से बांद्रा के बीच वाया टपरी होते हुए किया जा रहा है। चूंकि दिल्ली के लिए शाम के समय कोई और गाड़ी नहीं है, इसलिए पूर्व की भांति इस गाड़ी को वाया सहारनपुर होकर चलाया जाए।
40. हरिद्वार से दिल्ली के लिए वाया सहारनपुर-शामली होते हुए एक गाड़ी का संचालन किया जाता था जोकि पिछले साल से बंद पड़ी है। यह गाड़ी सुबह 9 बजे सहारनपुर से दिल्ली के लिए रवाना होती थी। इस गाड़ी को जल्द से जल्द चलाया जाए।
41. रेलवे द्वारा चंडीगढ़ से वाया अंबाला, पानीपत, दिल्ली होते हुए बैंगलोर के लिए एक गाड़ी का संचालन किया जाता है। इस गाडी को वाया सहारनपुर से सिकंदराबाद होते हुए बैंगलोर तक चलाया जाए। जिससे वुडेन सिटी के जितने भी लकड़ी के कारीगर हैं जोकि हजारों की संख्या में हैदराबाद तथा बैंगलोर में लकड़ी का कार्य करते हैं, उनको बहुत लाभ मिलेगा।

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