महाशिवरात्रि पर शिवालयों में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे:सहारनपुर में श्रद्धालुाओं ने जलाभिषेक कर मांगी देश और दुनिया की सुख-समृद्धि की कामना

सहारनपुर6 महीने पहले
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शिव पिंडी पर जलाभिषे करते श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar
शिव पिंडी पर जलाभिषे करते श्रद्धालु।

सहारनपुर में महाशिवरात्रि पर्व पर जलाभिषेक करने के लिए शिवालयों में श्रद्धालुओं का जमावड़ा सुबह चार बजे से लगा रहा। बम-बम भोले के गगनभेदी जयकारों के बीच भक्तों ने भगवान आशुतोष को जल चढ़ाया। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किए गए। श्रद्धालुओं ने बेल पत्र, पान, फूल, दूध और धतूरे आदि भगवान शिव पर अर्पित कर परिवार, देश और दुनिया की सुख-समृद्धि की कामना की।

इन स्थानों पर हुआ जलाभिषेक

मंगलवार को महाशिवरात्रि पर गांव मानकी स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री मनकेश्वर महादेव मंदिर, गांव घ्याना स्थित सिद्धपीठ श्री नागेश्वर महादेव मंदिर, प्राचीन बाबा बालगिरी महादेव मंदिर, श्री ग्यारहमुखी महादेव मंदिर, नगर और देहात के शिवालयों पर सुबह से ही जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का जमावड़ा लगा रहा। शिव मंदिर बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान होते रहे।

विभिन्न मंदिरों पर श्रद्धालुओं द्वारा भंडारे का भी आयोजन किया गया है। वहीं, कुछ भक्तों ने महाशिवरात्रि पर व्रत भी रखा। इस दौरान मंदिरों के आस-पास पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है शिवरात्रि

भगवान शिव की भक्ति का पर्व महाशिवरात्रि हर साल फाल्‍गुन मास के कृष्‍ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। पौरााणिक मान्‍यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन भगवान शिव और पार्वतीजी की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है और उन्‍हें भांग, धतूरा, बेल पत्र और बेर चढ़ाए जाते हैं। इस दिन कई लोग धार्मिक अनुष्‍ठान, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जप करते हैं।

मान्‍यता है कि इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जप करने का विशेष महत्‍व होता है। इसका जाप करने से मनुष्य दीर्घायु होता है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन अधिकांश घरों में लोग शिवजी का व्रत करते हैं और शाम को फलाहार करके व्रत पूरा करते हैं। कई स्‍थानों पर शिव बारात निकाली जाती है।

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