कांग्रेसियों की मृत किसानों शहीद का दर्जा देन की मांग:सहारनपुर के पूर्व विधायक बोले, महात्मा गांधी के अहिंसात्मक आंदोलन का अंजाम केंद्र सरकार को चुकाना पड़ा

सहारनपुर7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पत्रकारों को संबोधित करते कां� - Dainik Bhaskar
पत्रकारों को संबोधित करते कां�

सहारनपुर के गुरुद्वारा रोड स्थित पार्टी कार्यालय पर शनिवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौ.मुजफ्फर अली ने केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा को सार्थक पहल बताते हुए कहा कि यदि सरकार पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के सुझाव पर अमल कर लेती, तो 700 किसानों को इस आंदोलन में जान गंवानी नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि सरकार मृतक किसानों को शहीद का दर्जा दें और उनके आश्रित को उचित मुआवजा दें तथा कांग्रेस प्रत्येक वर्ग के होने वाले उत्पीड़न व अन्याय के खिलाफ सदैव खड़ी है और संघर्ष करती रहेगी।

किसानों की याद में निकाली कैंडल मार्च
उन्होंने कहा कि पंजाब से नए कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाई थी और वहां पर सांसद राहुल गांधी ने ट्रैक्टर रैली निकाल आवाज को बुलंद करने का काम किया था, लेकिन उसके बावजूद भी केंद्र सरकार द्वारा इस कानून को वापस नहीं लिया। इस आंदोलन में 700 किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी और उसके बाद ही केंद्र सरकार इस कानून को वापस लेने को तैयार हुई। इसी के चलते आज कांग्रेस किसानों की जीत का विजय दिवस मना रही है और शहीद किसानों की स्मृति में कैंडल मार्च भी निकाल रही है।

पीएम की हठधर्मिता के कारण 700 किसानों ने जान गंवाई
कांग्रेस के पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निंदा करते हुए कहा कि उनकी हठधर्मिता के चलते 700 किसानों ने अपनी जान गंवाई है, जो बेहद शर्मनाक बात है। आज भी वह हठधर्मिता को अपनाए हुए है। आखिरकार गांधी के अहिंसात्मक आंदोलन के चलते केंद्र सरकार को चुकाना पड़ा। अभी भी प्रधानमंत्री अहंकारी होकर कह रहे हैं कि कुछ किसानों को हम समझा नहीं पाए, जो निंदनीय है। उन्होंने किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं भी व्यक्त नहीं की, जो उनके घमंड का परिचायक है।

मृत किसानों के परिजनों से माफी मांगे केंद्र सरकार
महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार मृत किसानों के परिजनों से माफी मांगे और उन्हें शहीद का दर्जा देते हुए आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केंद्र सरकार का यह मास्टर स्ट्रोक बता रहे है, लेकिन यह मोदी सरकार का माफीनामा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की जनविरोधी फैसले का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी। वार्ता में प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, एआईसीसी सदस्य अशोक सैनी, पार्षद स.चरणजीत सिंह निक्कू आदि मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...