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सहारनपुर में कोचिंग संचालक से लूटपाट:अपहरण कर दो दिनों तक बेहोशी की हालत में घूमाते रहे बदमाश, मारपीट कर जंगल में फेंका; होश आते ही थाने पहुंचे तो पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

सहारनपुर3 महीने पहले
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पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई। - Dainik Bhaskar
पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई।
  • पीड़ित ने SSP को शिकायती लेटर भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
  • 6 से ज्यादा हथियारबंद बदमाशों ने 2 जुलाई को मारपीट कर किया किडनैप, 3 जुलाई को जंगल में फेंका था।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कोचिंग संचालक और उसके दोस्त के साथ लूटपाट कर अपहरण का मामला सामने आया है। पीड़ित ने बताया कि हथियारबंद बदमाशों ने पहले लूटपाट की। फिर कार से अपहरण कर दो दिनों तक बेहोशी की हालत में घूमाते रहे। इसके बाद मारपीट कर जंगल में फेंक दिया।

पीड़ित का आरोप है कि रविवार को चंगुल से बचकर किसी तरह थाने पहुंचे तो पुलिस को आपबीती सुनाई। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन पीड़ितों ने एसएसपी को शिकायती लेटर भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। हालांकि, थाना नागल प्रभारी देव सिंह रावत का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

पहले की लूटपाट फिर कार में ठूंसा,
मामला देवबंद के ग्राम तल्हेड़ी बुजुर्ग का है। यहां के निवासी नरेंद्र कुमार पुत्र संगवा सिंह कोचिंग संचालक है। पीड़ित नरेंद्र कुमार ने बताया कि वह दो जुलाई की सुबह अपने दोस्त रविश कुमार के साथ स्विफ्ट कार (UP-11CA 9258) से किसी काम से जा रहा थे। तभी भाटखेड़ी गांव से आगे पहुंचे ही एक बुलेरो कार ओवरटेक करके आगे आ गई। रास्ता रोक लिया। हथियारबंद 6 से ज्यादा बदमाश बुलेरो से उतरे और लूटपाट की। पीड़ित ने बताया कि मुझे और दोस्त को जबरदस्ती कार में ठूंसकर लाखनौर सिड़की से होते हुए रुड़की की ओर ले गए। विरोध करने पर मारपीट की और नशीला पदार्थ सूंघाकर बेहोश कर दिया।

मारपीट कर जंगल में फेंका,
बदमाश दोनों पीड़ितों को बेहोशी की हालत में तीन जुलाई की देर रात झबरेड़ा के जंगल में फेंक गए। पीड़ित ने बताया कि जब उन्हें होश आया अपने घर संपर्क किया। चार जुलाई की सुबह ही पीड़ित नागल थाने पहुंच गए।

पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो SSP को लिखा लेटर
वहीं, पीड़ित का आरोप है कि चंगुल से बचकर किसी तरह थाने पहुंचे और पुलिस को आपबीती बताई। मगर पुलिस ने उनकी एक न सुनी। इसपर पीड़ित ने एसएसपी को शिकायती लेटर भेजकर रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई है।

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