सहारनपुर में इमरान के बयान पर सियासी अटकले तेज:इमरान बोले;यूपी में भाजपा को हराने के लिए सपा मजबूत पार्टी, 6 अक्टूबर को कांग्रेस का हाथ छोड़कर साईकिल पर सवार हो सकते हैं इमरान मसूद

सहारनपुर2 महीने पहले
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता काजी इ - Dainik Bhaskar
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता काजी इ

सहारनपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद के बयान ने सियासी अटकलों को तेज कर दिया है। कांग्रेस में रहते हुए सपा की तरफदारी करना, उनके सपा में शामिल होने का संकेत भी बताया जा रहा है। हालांकि इमरान की सपा में जाने की अटकले काफी दिनों से चल रही हैं, लेकिन विधानसभा की सातों सीटों के बटवारे को लेकर बात नहीं बन पा रही थी। हालांकि अब उनके बयान के बाद यह साफ हो रहा है कि सपा हाईकमान से उनकी सेंटिंग हो गई है। सपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इमरान सभी सीटों पर टिकट की बात कर रहे थे, लेकिन हाईकमान चार सीटों पर ही राजी हुई है। बाकी तीन पर टिकट हाईकमान करेगी। हालांकि इमरान ने पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस में होने का दावा किया है और विरोधियों पर ऐसी चर्चा फैलाने का आरोप लगाया है।
यूपी में भाजपा को हराने में सपा सक्षम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता काजी इमरान मसूद ने एक टीवी चैनल के संवाददाता से बातचीत में कहा है कि यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा को सपा ही चुनाव में शिकस्त दे सकती है, क्योंकि वह यूपी में एक बड़ी पार्टी है। चुनावी उठापटक में इमरान का समाजवादी पार्टी के पक्ष में बयान आना कहीं न कहीं सपा प्रेम को जाहिर करता है। उन्होंने बयान में कहा है कि भाजपा को हराना हमारा मकसद है, उसके लिए अन्य दलों को साथ लेने और साथ देने में गुरेज नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में भाजपा को हराने में सपा सक्षम है, लेकिन सपा को बड़ा दिल दिखाते हुए अन्य विपक्षी दलों को साथ लेना होगा। इसी बयान को लेकर चर्चा फैल गई है कि इमरान मसूद सपा की तारीफ की है। राजनीतिक टीकाकारों का कहना है कि इमरान का सपा की तारीफ में पुल बांधना कहीं न कहीं इमरान का सपा में शामिल होने का संकेत है।
दैनिक भास्कर ने पहले ही कर दिया साफ
दैनिक भास्कर ने 6 जुलाई को 'इमरान मसूद छोड़ेंगे कांग्रेस का साथ' खबर लिखी थी। जिसकी अब पुष्टि होती नजर आ रही है। सपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया है कि 6 अक्टूबर को इमरान मसूद की सपा में शामिल होने की घोषणा हो सकती है, क्योंकि 10 अक्टूबर को गंगोह में सपा के दिग्गज नेता रहे और सपा जिला अध्यक्ष रुद्रसैन के पिता स्व.चौ.यशपाल सिंह की शताब्दी जयंती में शामिल होने के लिए यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहुंचेंगे।
चार सीटों पर बनी सहमति
काजी इमरान मसूद सहारनपुर की सातों विधानसभा सीटों पर टिकट मांग रहे थे। जिस कारण कई माह से सहमति नहीं बन पाई थी। सपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी हाईकमान से इमरान मसूद की चार सीटों पर सहमति हो गई है। जिसमें देवबंद, नकुड़, सहारनपुर नगर और रामपुर मनिहारान विधानसभा सीट शामिल है। हाईकमान ने गंगोह से चौ.इंद्रसैन, बेहट से उमर अली खान और देहात विधान सभा सीट से आंशु मलिक को टिकट देने की बात कही है।
बीते चुनाव परिणाम का हवाला दिया
इमरान मसूद का कहना है कि उन्होंने बीते चुनाव परिणाम का हवाला दिया है, सपा की तरफ झुकाव या कांग्रेस को कमतर नहीं आंका है। उन्होंने कहा क सपा मुख्य विपक्षी पार्टी है। सपा की जिम्मेदारी है कि सबको साथ लेकर भाजपा को हराए।
इमरान मसूद का राजनीति इतिहास
-2019 के लोकसभा चुनाव में इमरान को कांग्रेस पार्टी ने सहारनपुर सीट से टिकट दिया। तमाम प्रयासों के बावजूद इमरान तीसरे स्थान पर रहे। इस सीट पर बसपा के हाजी फजलुर्रहमान ने जीत दर्ज की और भाजपा के राघव लखन दूसरे स्थान पर रहे।
-2017 में इमरान एक बार फिर से चुनाव लड़े और भाजपा के डा.धर्म सिंह सैनी से नकुड़ की विधान सभा सीट से हार गए।
-2014 में इमरान ने सहारनपुर लोकसभा चुनाव भाजपा के राघव लखनपाल के सामने लड़ा। जिसमें वह 50,000 से अधिक मतों से हार गए।
-2012 में इमरान फिर नकुड़ सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और भाजपा के डा.धर्म सिंह सैनी से 4564 मतों के अंतर से हार गए।
-2007 में इमरान मसूद निर्दलीय बेहट सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा और जगदीश राणा को 3683 मतों के अंतर से हराकर जीत गए थे।

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