...कहीं पेन किलर न बना दें किडनी का बीमार:जिला अस्पताल की हीमो डायलिसिस में किडनी के बीमारों की कतार, ज्यादातर मरीजों ने ली थी पेन किलर

सहारनपुरएक महीने पहले
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जिला अस्पताल में हीमो डायलिसि� - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में हीमो डायलिसि�

यदि आपको सिर दर्द, हल्का बुखार, बॉडी पेन या BP (रक्तचाप) है, केमिस्ट के बजाए चिकित्सक के पास जाकर सलाह ले। बिना सलाह के पेन किलर भी न खाए। क्योंकि आपकी किडनी खराब हो सकती है, और कई बार फेल भी हो सकती है। जिससे मौत भी हो सकती है। किडनी खराब होने पर यूरिन बंद हो सकता है और आप डायलिसिस के स्तर तक पहुंच सकते हैं। ऐसे ही कई मामले जिला अस्पताल के हीमो डायलिसिस में सामने आए है। जिन्होंने बिना चिकित्सक के सलाह के दवाई ली और डायलिसिस की स्थिति में पहुंच गए। अब वह सप्ताह में 03 बार डायलिसिस कराने आते हैं। जिला अस्पताल के हीमो डायलिसिस यूनिट में 04 सालों में करीब 320 मरीज अपना इलाज कर चुके हैं। हालांकि निजी सेंटरों पर भी लोग अपना इलाज करा रहे हैं।

04 साल में 320 मरीज सामने आए
सहारनपुर के जिला अस्पताल में 19 अगस्त 2017 को हीमो डायलिसिस यूनिट की स्थापना हुई। जिसमें कुल 11 मशीनें लगी है, जिनमें 08 निगेटिव और 03 पॉजिटिव मशीन है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 13 दिसंबर 2021 तक 320 किडनी के मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे। जिसमें 125 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। फिलहाल 59 मरीज डायलिसिस कराते हैं। हालांकि विभागीय आंकड़ा में हेराफेरी दिखाई दे रही है। क्योंकि 320 में से 136 मरीजों का आंकड़ा उनके पास नहीं है। 320 मरीजों की 04 सालों में 36,519 बार डायलिसिस हो चुकी है।

प्राइवेट से ज्यादा कारगर है सरकारी यूनिट
चिकित्सा अधिकारियों का दावा है कि शहर के किसी भी प्राइवेट यूनिट से जिला अस्पताल की यूनिट बेहतर कार्य कर रही है। यूनिट के मैनेजर मोहित ने बताया कि समय-समय पर मरीजों की जरूरत के हिसाब से प्राइवेट चिकित्सकों को भी बुलाया जाता है। इसके अलावा शहर के बड़े नेफ्रोलॉजिस्ट यूनिट को फ्री सेवा देते हैं। अस्पताल में किडनी मरीजों को बिना किसी फीस के परामर्श से लेकर सभी जांच, जरूरी दवाएं और जरूरत पड़ने पर डायलिसिस आदि सब निशुल्क है।

प्राइवेट यूनिट में एक माह में 30 हजार का खर्चा
जिला अस्पताल में 07 बेड खाली चल रहे हैं। जिनमें 01 पॉजिटिव व 06 निगेटिव हैं। फिलहाल हीमो डायलिसिस यूनिट में पॉजिटिव के 17 और निगेटिव के 42 मरीज अपना इलाज करा रहे हैं। मोहित कुमार का कहना है कि ज्यादातर मरीज दिल्ली, देहरादून, मुलाना, पीजीआई चंडीगढ़ और शहर के निजी अस्पतालों में बनी हीमो डायलिसिस यूनिट में अपना इलाज कराने जाते हैं। इससे एक डायलिसिस का दो से ढाई हजार रुपये खर्च आता है। सप्ताह में 03 डायलिसिस होने पर एक मरीज के 7500 रुपये खर्च हो जाते हैं। यानी एक माह में 12 डायलिसिस कराने में करीब 30 हजार रुपये का खर्च आता है। लेकिन जिला अस्पताल में निशुल्क और बेहतर सेवा की जाती है।

क्या कहते हैं मरीज
-सरसावा के नफीस (56) करीब 05 साल से किडनी के मरीज है। उनका ट्रांसप्लांट भी हो चुका है। लेकिन बीमारी से निजात नहीं मिली है। उनका कहना है कि सिर दर्द में पेन किलर खाई थी। जिसके बाद किडनी फेल हो गई थी। निजी अस्पतालों में ट्रीटमेंट कराया तो लाखों रुपये खर्च हो गए। अब उनके पास पैसे नहीं है, उनको किसी के माध्यम से पता चला कि सरकारी अस्पताल में डायलिसिस होती है। वह करीब दो साल से यहां पर डायलिसिस करा रहे हैं। अब उनका एक भी पैसा नहीं लगता है।

-साजिदा (32) का कहना है कि उनके कोई बच्चे नहीं थे। उन्होंने बहुत डॉक्टरों की दवाई की। जिसके बाद उनको गर्भ रहा। लेकिन बच्चा होने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनकी किडनी खराब हो चुकी है। जिसके बाद से करीब डेढ़ साल से वह डायलिसिस करा रही है। उनका कहना है कि चिकित्सकों ने दवाई के अधिक प्रयोग से किडनी खराब होना बताया है।

किडनी को स्वस्थ रखने के 05 उपाए

1. दिनभर में खूब पानी पिए। शरीर में पानी की कमी न होने दे। कम पानी पीने से किडनी पर असर पड़ता है। इसीलिए प्रतिदिन 05 से 06 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।

2. डायबिटीज, हार्ट डिजीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की वजह से किडनी से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती है। इसलिए हेल्दी डाइट खाए ताकि बीपी कंट्रोल रहे और डायबिटीज और दिल की बीमारी न हो।

3. शरीर के अंगों को दुरुस्त रखने के लिए फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है। इसलिए प्रतिदिन व्यायाम करें। जिससे आपका वेट भी कंट्रोल रहेगा और हाई बीपी की समस्या भी नहीं होगी।

4. धूम्रपान को अपने जीवन से त्याग दें। स्मोकिंग करने के कारण रक्तवाहिकाओं को नुकसान होता है। जिस कारण किडनी में ब्लड का फ्लो कम हो जाता है। और किडनी फंक्शन प्रभावित हो सकते हैं।

5. विटामिन सप्लिमेंट या हर्बल सप्लिमेंट का अधिक प्रयोग करने से किडनी को नुकसान हो सकता है। जरूरी हो तो चिकित्सक की सलाह के बगैर न लें।

एसबीडी जिला अस्पताल की सुपरिनटैंडैंट इन चीफ (SIC) डा.आभा वर्मा का कहना है कि अस्पताल में 11 बेड की हीमो डायलिसिस यूनिट है। गरीब लोगों को अपने इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में आकर इलाज कराना चाहिए। यहां पर सेवा बिल्कुल निशुल्क है।

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