शराब माफिया पत्नी और बच्चों को लेकर पहुंचा थाने:सहारनपुर में पुलिस के सामने घुटनों पर बैठकर बोला- लोगों की जिंदगी से अब नहीं करूंगा खिलवाड़, शपथ पत्र दिया

सहारनपुर5 महीने पहले
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ग्राम सलेमपुर भूकड़ी निवासी शराब माफिया मोनू उर्फ जहाज पर थाना कोतवाली देहात में 19 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं।  - Dainik Bhaskar
ग्राम सलेमपुर भूकड़ी निवासी शराब माफिया मोनू उर्फ जहाज पर थाना कोतवाली देहात में 19 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं। 

सहारनपुर में पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए एक शराब माफिया रविवार को अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर थाने पहुंच गया। वहां घुटनों के बल बैठ गया। पुलिस से बोला कि वह अब लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं करेगा। उसने शराब का कारोबार नहीं करने की शपथ खाई। उसने पुलिस को शपथ पत्र भी दिया।

शराब माफिया ने पुलिस से कहा कि वह अब लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं करेगा।
शराब माफिया ने पुलिस से कहा कि वह अब लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं करेगा।

रविवार को जेल से बाहर आया था मोनू

ग्राम सलेमपुर भूकड़ी निवासी शराब माफिया मोनू उर्फ जहाज पर थाना कोतवाली देहात में 19 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं। रविवार को दोपहर में वह पत्नी और बच्चों को लेकर थाने पहुंचा। थाना कोतवाली देहात प्रभारी उमेश रोरिया से बोला कि वह अब लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं करेगा। वह मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करेगा। उसने शपथ पथ भी भरकर दिया।

जिले और बाहर करता रहा शराब की सप्लाई

उसने पुलिस को बताया कि सहारनपुर के लोग कुछ दिन पहले तक अवैध शराब की बिक्री के लिए जानते थे। वह हरियाणा मार्का की शराब को अवैध रूप से जिले और इसके बाहर सप्लाई करता था। प्रदेशभर में शराब माफियाओं पर हो रही कार्रवाई के बाद मोनू को भी जेल भेजा गया था। पुलिस की लगातार कार्रवाई से वह परेशान हो गया था। इसलिए उसने इस तरह का कदम उठाया।

शराब माफिया ने पुलिस को बताया कि सहारनपुर के लोग कुछ दिन पहले तक अवैध शराब की बिक्री के लिए जानते थे।
शराब माफिया ने पुलिस को बताया कि सहारनपुर के लोग कुछ दिन पहले तक अवैध शराब की बिक्री के लिए जानते थे।

सात माह से जेल में बंद था मोनू
शराब के अवैध कारोबार के कारण पुलिस ने 7महीने पहले शराब माफिया मोनू को जेल भेजा था। रविवार की शाम को वह जेल से छूटकर बाहर आया था। मोनू पर थाना कोतवाली देहात में 19 से ज्यादा मुकदमें दर्ज है, जो कोर्ट में विचारधीन है। इससे पहले थाना सरसावा में भी एक गांव के 12 से ज्यादा लोगों ने शराब कारोबार को छोड़कर मेहनत मजदूरी करने अपने परिवार को गुजर-बसर करने को शपथ पत्र दिया था।

एसएसपी डा.एस चन्नपा ने बताया कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अपराधियों को सबक सिखाया जा रहा है। यहीं नहीं सहारानपुर जिले में 100 से ज्यादा कुख्यात अपराधियों को जेल के पीछे पहुंचाया जा चुका है।

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