• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Saharanpur
  • On The Pretext Of Jan Ashirwad Path Rally, Jayant Will Track The Pulse Of The Public, There Will Be A Public Meeting In The Animal Penetration Of Gangoh.

16 अक्टूबर को सहारनपुर आएंगे रालोद प्रमुख:जन आशीर्वाद पथ रैली के बहाने जनता की नब्ज टटोलेंगे जयंत चौधरी, गंगोह के पशु पैठ में होगी जनसभा

सहारनपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ( फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ( फाइल फोटो)

यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर लगभग सभी पार्टियों ने कसरत तेज कर दी है। 10 अक्टूबर को तीतरों में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आने बाद अब राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी 16 अक्टूबर को गंगोह में पहुंच रहे हैं। वह किसानों और हिंदू-मुस्लिम वोटरों की नब्ज टटोलने के लिए वह 16 सितंबर की सुबह 11 बजे सहारनपुर के गंगोह में पहुंचेंगे। गंगोह की पशु पैठ में वह जन आशीर्वाद पथ रैली करेंगे। चुनावी समीकरणों को समझने और जनता से सीधा संवाद करेंगे।

ज्वलंत मुद्दे उठाकर भाजपा पर साधेंगे निशाना
रैली के बहाने रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी यूपी के ज्वलंत मुद्दों को उठाकर भाजपा सरकार पर निशाना साधने की तैयारी है। वह जनता से सीधा संवाद भी करेंगे। राजनीति टीकाकारों का कहना है कि भावी विस चुनाव में सपा और रालोद का गठबंधन तय है। जिसका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तीतरों में स्व.चौधरी यशपाल सिंह की जयंती में पहुंचकर कर गए है। ऐसे में पश्चिम में सियासी समीकरण जटिल होने वाले हें। खासकर, सत्तारूढ़ भाजपा के लिए। क्योंकि पश्चिम में जाटों और गुर्जरों की भाजपा से नाराजगी और मुस्लिमों की सपा और रालोद की नजदीकियों के संकेत साफ हैं। यदि साल 2013 की तरह यह रिश्ते खिले तो भाजपा का फूल मुरझाना तय है।

जाट लैंड की जिम्मेदारी चुनौतीपूर्ण
चौधरी अजीत सिंह की मौत के बाद उनके सुपुत्र जयंत चौधरी पर रालोद की जिम्मेदारी आ गई है। किसानों और जाट, हिंदू व मुस्लिम मतदाताओं के बल पर स्व.चौ.अजीत सिंह चार बार केंद्र सरकार में मंत्री रहे, लेकिन उनकी मौत के बाद इन मतदाताओं लुभाने और वोटरों के गुणा-भाग करने में उनके उत्तराधिकारी बने जयंत चौधरी कितने कारगर होंगे, यह आगामी विस चुनाव के परिणाम ही बताएंगे। खासकर जाटलैंड की जिम्मेदारी कम चुनौतीपूर्ण नहीं हैं।

कृषि कानून, महंगाई और बेरोजगारी बड़ा मुद्दा
सभी सियासी दल कृषि कानूनों की मुखालफत, गन्ना किसानों का लटका भुगतान, महंगाई, बेरोजगारी और लखीमपुर खीरी के अलावा हाथरस और शाहजहांपुर की घटनाओं से सत्ताविरोधी लहर का फायदा उठाने की कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इन्हीं मुद्दों के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ यूपी में हवा चल रही है।

सहारनपुर की जनता ने अखिलेश को लिया था हाथोंहाथ
10 अक्टूबर को उक्त मुद्दों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहारनपुर के तीतरों पहुंचे थे। जहां पर यूपी की भाजपा सरकार के खिलाफ वह जमकर दहाडे थे। सहारनपुर की जनता ने भी उनको हाथोहाथ लिया था। पंडाल में लोगों की भीड़ देखकर वह भी गदगद हो गए थे। पर 16 अक्टूबर को तीतरों के पास गंगोह में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी भी पहुंच रहे हैं। ऐसे में देखना है कि यहां की जनता किस प्रकार से उन्हें हाथो हाथ लेती हैं।

खबरें और भी हैं...