तीसरी लहर से निटपने को सैनिटाइजेशन और कंटेनमेंट जोन बनाए:महानगर के सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटाइजेशन शुरू, स्वास्थ्य विभाग 17 से 18 दिसंबर को करेगा मॉकड्रिल

सहारनपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कंटेनमेंट जोन में बैरिकेडिंग � - Dainik Bhaskar
कंटेनमेंट जोन में बैरिकेडिंग �

सहारनपुर नगर निगम तीसरी लहर की दस्तक और ऑमिक्रॉन वायरस को लेकर गंभीर हो गया है। नगर निगम क्षेत्र में एक बार फिर से विशेष्ज्ञ सैनिटाइजेशन अभियान शुरू कर दिया गया है। मंगलवार को महानगर के प्रमुख मंदिरों, गुरुद्वारा, चर्च और मस्जिदों के अतिरिक्त बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन को सैनेटाइज किया गया।

75 दिन बाद मिला था कोरोना केस

सैनिटाइजेशन के लिए तैयार गाड़ियां
सैनिटाइजेशन के लिए तैयार गाड़ियां

कोरोना की दूसरी लहर के 75 दिन बाद देवबंद में गर्भवती महिला और उसके डेढ़ साल का बच्चा कोरोना संक्रमित मिला था। जिसके बाद से अभी तक 09 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जिले में संक्रमित मरीजों के मिलने और विदेशों से आने वाले लोगों को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

अब तक 09 लोगों कोरोना संक्रमित मिले

सार्वजनिक स्थानों को सैनिटाइज करते नगर निगम कर्मचारी
सार्वजनिक स्थानों को सैनिटाइज करते नगर निगम कर्मचारी

सहारनपुर में तीसरी लहर का प्रकोप दिखाई देने लगा है। देवबंद के गांव शेखपुरा शेख में 23 नवंबर को 24 वर्षीय महिला महिला और उसका डेढ़ साल का बच्चा कोरोना संक्रमित मिला था। कोरोना संक्रमित महिला ने 28 नवंबर को एक बच्चे को भी जन्म दिया था। हालांकि नवजात की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वहीं मिशन कंपाउंड के 59 वर्षीय एक व्यक्ति की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई थी। वह शादी समारोह से लौटे थे। जिसके बाद व्यक्ति की पत्नी और सास की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। 10 दिसंबर को एक महिला शिक्षक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। 12 दिसंबर को शिक्षिका के संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए गए थे। जिसमें दो शिक्षक और एक उनका बच्चा संक्रमित मिला है। सभी को होम आइसोलेट किया गया है।

कोरोना से निपटने की तैयारियां तेज
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों में तैयारियों को परखा जाएगा। इसके लिए 17 व 18 दिसंबर को राजकीय मेडिकल कालेज और जिला महिला अस्पताल सहित 06 जगहों पर मॉकड्रिल होगी। तीसरी लहर में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों के लिए बताया जा रहा है। शासन के आदेश पर विभाग के द्वारा मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) बनाई गई हैं। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल सहित कई सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट भी लगाए गए है।

मॉक ड्रिल में परखी जाएगी व्यवस्था
जिले में यदि कोरोना के मामले बढ़ते हैं, इसके लिए हम कितने तैयार है। इसकी व्यवस्था परखी जाएगी। अस्पताल में आने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को किस प्रकार से इलाज किया जाएगा? एंबुलेंस से लेकर मरीज को वार्ड तक ले जाने में किस प्रकार की कार्य किया जाएगा, इसका मॉक ड्रिल के माध्यम से पता लगाया जाएगा। मरीज का ऑक्सीजन लेवल और रक्तचाप आदि की जांच करने के बाद वार्ड में भर्ती कर किया जाएगा।

इन जगहों पर होगी मॉकड्रिल
राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी व जिला महिला अस्पताल के पीआईसीयू, सीएचसी देवबंद, सीएचसी सरसावा, सीएचसी नकुड़, सीएचसी नानौता में मॉकड्रिल होगी।

कंटेनमेंट जोन में कराई बैरिकेडिंग
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि जिन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, उन क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। क्षेत्र में बीमारी का विस्तार न हो, इसके लिए बैरिकेडिंग कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि महानगर के दिल्ली रोड शिवाजी नगर, पवन विहार, फ्रेंड्स कालोनी दिल्ली रोड, महावीर गली नंबर 02 किशनपुरा तथा कोर्ट रोड स्थित गिल कालोनी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित लोग मिले हैं। इन क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई है। वहीं संक्रमित लोगों के घरों पर पोस्टर भी लगाए गए है। ताकि बाहर से आने वाले लोगों को इस संबंध में जानकारी हो सके और वे संक्रमण की चपेट में आने से बच सके।

सीएमओ डा.संजीव मांगलिक का कहना है कि 17 व 18 दिसंबर को तीसरी लहर से निपटने के लिए मॉकड्रिल होगी। कोरोना संक्रमित मरीजों के बढ़ने पर किस प्रकार से हम इलाज कर सकते हैं, इसको परखा जाएगा। वहीं नगर निगम द्वारा भी नगर क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों का सैनेटाइज किया जा रहा है।

खबरें और भी हैं...