यूपी से आतंकी नदीम अरेस्ट, फिदायीन हमला करने वाला था:आतंकी संगठनों से नूपुर शर्मा को मारने का काम मिला था, IED बनाने की ट्रेनिंग ली थी

सहारनपुर2 महीने पहले

यूपी के सहारनपुर से ATS ने जैश-ए-मुहम्मद (JEM) और तहरीक-ए-तालिबान, पाकिस्तान (TTP) से जुड़े आतंकी मोहम्मद नदीम को गिरफ्तार किया है। यूपी ATS की पूछताछ में आतंकी नदीम ने बताया, "उसे जैश की ओर से बीजेपी से निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा की हत्या का टास्क दिया गया था।"

ATS का कहना है कि सूचना मिली थी कि गांव कुंडाकलां, थाना गंगोह सहारनपुर में एक युवक जेईएम और टीटीपी की विचारधारा से प्रभावित होकर फिदायीन हमले की तैयारी कर रहा है। जिसके बाद युवक को पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उसके मोबाइल को जब्त कर लिया गया है।

8 अगस्त को ATS नदीम और उसके छोटे भाई तैमूर को पकड़कर ले गई थी। पूछताछ के बाद तैमूर को ATS ने शनिवार को छोड़ दिया है। नदीम का बड़ा भाई इसरार देहरादून में रहता है। सूत्रों का कहना है कि वह जहां काम करता है, वहां भी ATS ने छापा मारा है।

नदीम रिश्तेदारी की आड़ में पाकिस्तान जाकर आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालीबान से आतंकी ट्रेनिंग लेना चाहता था।
नदीम रिश्तेदारी की आड़ में पाकिस्तान जाकर आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालीबान से आतंकी ट्रेनिंग लेना चाहता था।

सीरिया और अफगानिस्तान जाने की थी प्लानिंग
UP ATS के अधिकारी ने बताया, "आतंकी मोहम्मद नदीम तहरीक-ए-तालिबान आतंकी संगठन के सैफुल्ला (पाकिस्तानी) से फिदायीन हमले की तैयारी करने के लिए सोशल मीडिया के जरिए ट्रेनिंग ले रहा था। वह किसी सरकारी भवन या पुलिस परिसर पर फिदायीन हमला करने की फिराक में था।''

''नदीम को अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकवादी स्पेशल ट्रेनिंग देने के लिए पाकिस्तान बुला रहे थे। वह मिस्र के जरिए सीरिया और अफगानिस्तान जाने की भी योजना बना रहा था।"

मोबाइल से मिले अहम सुराग
UP ATS की पूछताछ में पता चला कि नदीम JEM और TTP की विचारधारा से प्रभावित होकर फिदायीन हमले की तैयारी कर रहा था। आतंकी के मोबाइल से 72 पन्नों का एक PDF भी मिला है, जिसका शीर्षक एक्सप्लोसिव कोर्स फिदायी फोर्स (Explosive Course Fidae Force) है। उसके फोन से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के JEM और TTP के आतंकियों के साथ चैट के अलावा वॉयस मैसेज भी मिले हैं।

ATS सूत्रों के अनुसार, नदीम पाकिस्तान जाने के लिए अपने पिता को कई बार कह चुका था, लेकिन पिता हमेशा इनकार कर देते थे। उसकी वॉट्सऐप चैट से राजफाश हुआ है कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन उसे पैसा देने का भी लालच दे रहा था।

दैनिक भास्कर ने नदीम के पिता से बात की, पढ़िए उन्होंने क्या-क्या बताया?

दैनिक भास्कर ने नदीम की गतिविधियों के बारे में बड़ा खुलासा किया है। नदीम के दो रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते है। इनमें उसके पिता नफीस की पत्नी की दो बुआएं हैं। ATS के अनुसार- नफीस इनसे कई बार इंटरनेट कॉल के जरिए बात करता था। उसे नहीं पता था कि उसका बेटा गलत राह पर चल रहा है। यदि पता होता तो वह उसे पहले ही घर से निकाल देता।

नदीम के पिता नफीस ने कहा- ''नदीम रात भर फोन पर बातें किया करता था और वॉट्सऐप के अलावा सोशल मीडिया पर लाइव रहता था। बार-बार पूछने पर भी वह कुछ नहीं बताता था। कभी-कभी वह अपने भाई तैमूर का फोन भी लेकर चलाता था। इस कारण वह भी ATS की रडार पर है। नदीम करीब दो साल पहले देहरादून नौकरी करने के लिए गया था। जिस कंपनी में वह नौकरी करता था, उस कंपनी में कुछ कश्मीरी युवक भी नौकरी करते थे। इसलिए कश्मीरी युवकों के साथ ही उसने कमरा किराए पर लिया था।''

नदीम के पिता नफीस का कहना है कि ATS की टीम उसके दूसरे बेटे तैमूर को भी अपने साथ ले गई थी। नदीम को तो ATS ने जेल भेज दिया है, हालांकि दूसरे बेटे तैमूर छोड़ दिया है। पिता का कहना है कि यदि ATS की जांच में तैमूर का भी कोई संपर्क आतंकियों से निकलता है तो वह दोनों बेटों से संबंध तोड़ लेगा।

अक्सर चुप रहता था नदीम, नहीं था गांव में कोई दोस्त
नदीम का नाम आतंकी संगठन से जुड़ने पर गांव वाले परेशान हैं। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि नदीम अपने देश के खिलाफ साजिश रच रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि नदीम किसी से दोस्ती करना पसंद नहीं करता था। वह अधिकतर चुप रहता था। यदि कोई उससे बोलता था तो वह बातचीत नहीं करता था। लोगों के बीच से उठकर चला जाता था।

40 साल पहले ससुराल में शिफ्ट हुआ था परिवार
नदीम मूलरूप से सहारनपुर के सरसावा के गांव ढिक्का कला का रहने वाला है। उसका परिवार 40 साल पहले गंगोह के कुंडाकलां में शिफ्ट हो गया था। पिता नफीस बताते हैं कि उनके ससुर का कोई बेटा नहीं था। ऐसे में उनके ससुर ने उन्हें कुंडाकलां बुला लिया था। तभी से वह यहां रह रहे हैं। नदीम आठवीं तक पढ़ा है। कब वह आतंकी संगठनों के संपर्क में आया।