पिता की दूसरी शादी से पहले बेटे ने करवाया मर्डर:पुलिस कस्टडी में बोला- मुझे बेटा नहीं मानते थे; मम्मी को भी घर से निकाला था

सहारनपुर5 महीने पहले

पापा... मुझे बेमतलब पीटते थे। शायद वो मुझे अपना बेटा ही नहीं मानते थे। मैं 40 दिन का था। जब मां अनुमा को घर से निकाल दिया था। पापा को उन पर शक था। वो मारपीट भी करते थे। 5 साल पहले पापा ने उनको तलाक दे दिया। मैं अपनी मां से मिलना चाहता था। लेकिन, पापा मिलने नहीं देते थे। फोन पर भी बात नहीं कर सकता था।

दोस्तों के साथ मोहल्ले में घूम नहीं सकता था। दोस्तों के सामने बेइज्जत करते थे। जेब खर्च भी नहीं मिलता था। अभी कुछ दिन पहले मालूम हुआ कि वो दूसरी शादी करने जा रहे हैं। इससे मुझे पापा से नफरत हो गई। मैं शराब पीने लगा और कर भी क्या सकता था।

ये कबूलनामा है 19 साल के अनव का। जिसने अपने ही पापा को मारने के लिए हथियार उठा लिया। साजिश में अपने दोस्त सागर गोयल उर्फ मोंटी को भी शामिल किया। पुलिस को इस तरह से गुमराह किया कि अपने ही ताऊ योगेश को अपने भाई के कत्ल के जुर्म में जेल भिजवा दिया।

अब आपको पढ़वाते हैं कि हत्या की साजिश कैसे रची गई...​​​​

28 दिसंबर 2021 को मनोज धीमान की हत्या हुई थी। बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर बनाया था मर्डर का प्लान।
28 दिसंबर 2021 को मनोज धीमान की हत्या हुई थी। बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर बनाया था मर्डर का प्लान।

अनव के हाथ कांप रहे थे, इसलिए दोस्त सागर ने मारी थी गोली
हत्या के दिन यानी 28 दिसंबर 2021 की सुबह अनव ने अपने दोस्त सागर को घर बुलाया। सबसे पहले उसने कॉफी बनाई। जिसमें नींद की गोली मिलाकर पिता मनोज धीमान और नानी को पिला दी। वो दोनों बेसुध हो गए। अनव को पता था कि उसके पिता लाइसेंसी रिवाल्वर रखते थे। उसको वो निकालकर लाया। पिता के शरीर से सटाकर उसने गोली मारने की कोशिश की। लेकिन उसके हाथ कांप रहे थे।

पास में ही उसका दोस्त सागर खड़ा था। उसको लगा कि अगर मनोज उठ गए, तो दोनों पकड़े जाएंगे। उसने अनव के हाथ से रिवाल्वर छीनकर मनोज के सिर में गोली मार दी। उसको समझाया कि कैसे पूरी घटना को आत्महत्या की कहानी बनाना है। वैसा ही बाहर के लोगों को बताना है।

थाना मंडी की पुलिस जब ब्रज कॉलोनी पहुंची तो उन्हें यही बताया गया। लेकिन साक्ष्यों को अनव नहीं छिपा सका। आत्महत्या की कहानी पुलिस ने नकार दी। चूंकि वारदात के वक्त सिर्फ एक और व्यक्ति के घर के अंदर आने के निशान मिले थे। इसलिए सागर को पुलिस ने उठा लिया। अनव भी खुद को बचा नहीं सका।

ताऊ को भिजवाया था जेल, अब पुलिस बाहर लेकर आएगी
अनव की नानी सरस्वती शर्मा अपने दामाद के साथ रहती थीं। अनव ने योजनाबद्ध तरीके से अपनी नानी से अपने ताऊ योगेश के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि तोता चौक में एक दुकान है। जो योगेश और मनोज के नाम पर थी। लेकिन, दुकान पर योगेश ने कब्जा कर रखा था। जिस कारण मनोज काफी टेंशन में रहता था। इसी टेंशन की वजह से मनोज ने आत्महत्या की थी।

एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि मनोज धीमान की हत्या की प्लानिंग उसके बेटे ने अपने दोस्त के साथ रची थी। ताऊ योगेश पर एफआईआर दर्ज करने के बाद जेल भेजा था। अब योगेश को जेल से बाहर लाया जाएगा।

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