संभल में ओवैसी की पार्टी के विवादित पोस्टर:एक दिन पहले सीएम योगी ने कहा था- इसे धर्मनगरी बनाएंगे, AIMIM के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर में लिखा- गाजी की धरती पर गरजेंगे शेर-ए-हिंदुस्तान

संभल2 महीने पहले
संभल में ओवैसी की पार्टी के विवादित पोस्टर।

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में AIMIM के कार्यकर्ताओं ने असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा के लिए विवादित पोस्टर लगाए हैं। धर्मनगरी संभल को गाजी की धरती लिखे हुए पोस्टर चारों तरफ चस्पा कर दिए गए हैं, जबकि एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां हुए कार्यक्रम में इस धरा को पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए धार्मिक स्थल के तौर पर विकसित किए जाने की बड़ी घोषणा की थी। इस पोस्टर में ओवैसी के साथ ओमप्रकाश राजभर की भी तस्वीरें लगाई गई हैं।

संभल को गाजियों की धरती बताया

बता दें कि आज AIMIM कार्यकर्ताओं ने सिरसी कस्बे में आज शाम को जनसभा आयोजित की है। इस जनसभा को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी संबोधित करेंगे, लेकिन ओवैसी की जनसभा के प्रचार के लिए AIMIM कार्यकर्ताओं ने विवादित पोस्टर लगवाए हैं। इन पोस्टरों में संभल को गाजियों की धरती बताया गया है। विवादित पोस्टरों में लिखा गया है कि ‘गाजियों की धरती पर गरजेंगे शेर-ए-हिंदुस्तान’।

पोस्टर में ओवैसी के साथ लगी ओमप्रकाश राजभर की फोटो।
पोस्टर में ओवैसी के साथ लगी ओमप्रकाश राजभर की फोटो।

अयोध्या को लिखा था फैजाबाद

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के अयोध्या दौरे के दौरान भी अयोध्या को फैजाबाद लिखकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की गई थी, लेकिन अयोध्या में साधु-संतों के कड़े विरोध के बाद ओवैसी को अपने होर्डिंग और पोस्टर से फैजाबाद हटाना पड़ा था। अब संभल को गजियों की धरती लिखकर अयोध्या की तरह संभल में विवाद खड़ा करने की कोशिश की जा रही है, जबकि बीते मंगलवार को सीएम योगी ने संभल में जनसभा की थी, जिसमें उन्होंने संभल को पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने संभल को धार्मिक स्थल के तौर पर विकसित किए जाने की घोषणा की थी।

वर्ग विशेष का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं कुछ लोग
वहीं, विवादित पोस्टरों को लेकर बीजेपी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल का कहना है कि संभल एक ऐतिहासिक नगर और धार्मिक क्षेत्र है। जो इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और इस तरह के पोस्टर लगा रहे हैं, ऐसी राष्ट्र विरोधी ताकतों और भारतीय संस्कृति से खिलवाड़ करने वाली ताकतों को हम पनपने नहीं देंगे। हम इनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे। 2022 का विधानसभा चुनाव आने वाला है। यह लोग एक वर्ग विशेष का ध्रुवीकरण करके कामयाब होना चाहते हैं, लेकिन हम इन्हें कामयाब नहीं होने देंगे।

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