तालिबान के समर्थन में उतरे सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क:संभल में बोले-अफगानिस्तान के लोग तालिबान की अगुवाई में आजादी चाहते हैं, ये उसका निजी मामला है

संभल5 महीने पहले
शफीकुर्रहमान बर्क ने इस बार अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे को सही ठहराया है।

संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहते हैं। इस बार भी उन्होंने एक ऐसा बयान दे डाला है। जिस पर चर्चा शुरू हो गई है। शफीकुर्रहमान बर्क ने इस बार अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे को सही ठहराया है। उन्होंने अफगानिस्तान में तालिबान की कार्रवाई की तुलना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से की है।

अफगानिस्तान की आजादी अफगानिस्तान का निजी मामला है

सपा सांसद का कहना है कि अफगानिस्तान की आजादी अफगानिस्तान का निजी मामला है। अफगानिस्तान में अमेरिका की हुक्मरानी क्यों? उन्होंने कहा कि तालिबान वहां की ताकत है। उसने अमेरिका और रूस के वहां पर पैर नहीं जमने दिए। अफगानिस्तान के लोग तालिबान की अगुवाई में आजादी चाहते हैं। भारत में भी अंग्रेजों से पूरे देश ने लड़ाई लड़ी थी। रहा सवाल हिंदुस्तान का तो यहां कोई कब्जा करने अगर आएगा उससे लड़ने को देश मजबूत है।

कोरोना को बीमारी मानने से कर चुके हैं इनकार

शफीकुर्रहमान बर्क ने इससे पहले कोरोना को बीमारी मानने से ही इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि कोरोना कोई बीमारी है ही नहीं। अगर कोरोना कोई बीमारी होती तो दुनिया में इसका इलाज होता। ये आसमानी आफत है जो सरकार की गलतियों की वजह से पैदा हुई है। जो की अल्लाह के सामने रोकर गिड़गिड़ाकर माफी मांगने से ही खत्म होगी।

भाजपा पर शरीयत से छेड़छाड़ करने का लगाया था आरोप

उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि मौजूदा सरकार ने शरीयत से ही छेड़छाड़ नहीं की है बल्कि अपनी सरकार में लड़कियों को पकड़वाकर बलात्कार करवाने, मॉब लिंचिंग और तमाम जुल्म ज्यादतियां की हैं, जिसकी वजह से कोरोना जैसी आसमानी आफ़त सामने है। उन्होंने ये बयान मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन के विवादित बयान के बाद दिया था।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर तालिबान ने किया कब्जा

गौरतलब है कि तालिबानी लड़ाकों ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने अपने शासन की घोषणा की है। अफगानिस्तान के चुने हुए राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़कर ओमान में जाकर शरण ली है। गनी के ओमान से अमेरिका जाने की भी चर्चा है। जो बाइडेन ने राष्ट्र​पति बनने के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुला लिया था। तालिबान लड़ाकों ने 2 महीने से भी कम समय में अफगानिस्तान को कब्जे में ले लिया। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे करने के बाद दुनिया भर में इसको लेकर बहस भी शुरू हो गई। कुछ देश तालिबान के समर्थन में तो कुछ इसके विरोध में हैं।

खबरें और भी हैं...