संतकबीरनगर में भाकियू कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन:2015 से बंद पड़ी चीनी मिल चालू कराने के लिए सड़क पर उतरे, यूरिया खाद न मिलने से नाराज हैं किसान

संतकबीरनगर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
संतकबीरनगर में भाकियू कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन - Dainik Bhaskar
संतकबीरनगर में भाकियू कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

संतकबीरनगर में 2015 से बंद चल रही चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर पर उतरकर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि जिले में विकास को गति देने वाली एक चीनी मिल थी। जिसे पूर्वरती सरकार में ही बन्द कर दिया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने सभी बंद चीनी मिलों को चालू कराने का वादा किया था। ख़लीलाबाद की चीनी मिल को चालू कराने की बात ठंडे बस्ते में बंद हो गई है। जिससे किसान मजदूर, व्यापारी आर्थिक रूप से कमजोर हो गए हैं।

मिल खुलवाने और लोगों का बकाया पीएफ देने की उठाई मांग

जिले में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष जगदीश यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खलीलाबाद बाइपास से पदयात्रा निकाली। उन लोगों ने बंद पड़ी चीनी चालू कराने और मिल कर्मचारियों के बकाया पीएफ व वेतन साल 1993 से अभी तक का धनराशि उनके खाते में तत्काल जमा कराए जाने की मांग उटाई। इसको लेकर सरकार विरोधी नारों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है।

मांगे पूरी न होने पर आंदोलन करने को मजबूर होगा किसान

मंडल अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि पूरे जिले में यूरिया खाद की किल्लत है जिस को तत्काल उपलब्ध कराया जाए। नहीं तो किसानों को अपने खेतों में पैदावार को बढ़ाने में उन्हें कठिन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि धान क्रय केंद्र पर बिचौलियों द्वारा धान की खरीद फरोख्त जारी है। इस पर टोकन की भी जांच करा कर कार्यवाही करने की जरूरत है।

चुनाव में यह मुद्दा बनता है चीनी मिल

2015 से बंद पड़ी खलीलाबाद शुगर मिल पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में संतकबीरनगर जिले का मुद्दा बना था। किसानों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए नेताओं ने इसे चलाने के वादे भी किए। लेकिन समय बीतता गया फिर भी चीनी मिल की स्थिति जैसी की तैसी ही रह गई। जबकि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद यह वादा किया गया था कि जिलों में बंद चीनी मिलों को दोबारा चालू कराया जाएगा जिसकी आज अभी तक किसानों को पड़ी है।

खबरें और भी हैं...