जलालाबाद में जलभराव से परेशान लोग:रामगंगा और बहबुल नदियों के बीच बसे ग्रामीण मूलभूत समस्याओं से दूर, चुनाव के बाद नहीं लेता है कोई सुध

जलालाबाद,शाहजहांपुर6 महीने पहले
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जलालाबाद( शाहजहांपुर )। विधानसभा जलालाबाद क्षेत्र के राम गंगा और बहबुल नदी के बीच में करीब आधा दर्जन गांव बसे हुए हैं । ग्रामीणों का जलालाबाद मिर्जापुर के लिए आना जाना लगा रहता है। चितरू, रामपुर ढाका , मिलकिया जुर्रा, नगला किशन ,ओयला,थाथर मई,व संगहा आदि गांव के लोग मंडी और मार्केटिंग के लिए जलालाबाद जाते हैं ।अभी तक दोनों नदियों पर पुल ना होने से मुसीबतों का सामना करना पड़ता है ।

दोनों नदियों के बीच आज भी मिट्टी के रास्ते हैं ।जो जगह से बरसात होने पर जलभराव के चलते गांव वासियों का निकलना दूभर हो जाता है । विधानसभा में लोगों की जुबान पर विकास के नाम पर बदहाली की चर्चा है। यहां जात बिरादरी के नाम पर वोट डाले जाते हैं। पहले कांग्रेस के लोगों ने ठगा अब भाजपा भी 5 सालों से कुछ नहीं कर सकी । विकास के नाम पर उनको ठेंगा दिखाया गया है ।

पहले लोग चैन की नींद सोते थे। लेकिन जब से योगी सरकार आयी तब से छुट्टा गौवंशों ने उनकी फसल को चट करना शुरू कर दिया ।जिससे वह रात रात भर फसल की रखवाली करते हैं। इस बार यहां के लोगों ने बदलाव की ठान ली है। गांव के लोगों के मन में उत्सुकता साथ बदलाव की आशा भी है।

ग्रामीण कहते हैं उसी पार्टी और प्रत्याशी को वोट करेंगे जो जनता के बीच आए और समस्याओं को देखे। क्षेत्र में विकास करे सिर्फ होते वादों से काम नहीं चलेगा। वहीं युवा सर्वेश बताते हैं कि वर्तमान में बेरोजगारी और महंगाई बहुत बड़ी समस्या है । सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार है। वहीं ग्राम प्रधान के पति कहते हैं कि वोट देना हम सभी का अधिकार है ।मौका है बेहतर अच्छे और ईमानदार प्रत्याशी चुनने का। वही गांव के सुंदर लाल बताते हैं कि पशुओं ने उनके खेत में खड़ी लाही, गेहूं की फसल बर्बाद कर दी है।

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