शाहजहांपुर…करंट से गाय को बचाने गए मां-बेटे की मौत:हादसे में 4 लोग झुलसे, बेटा बोला- कभी खुद से दूर नहीं जाने देती थी मां, आज खुद दूर हो गई

शाहजहांपुर7 महीने पहले
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करंट लगने से महिला की हुई मौत। - Dainik Bhaskar
करंट लगने से महिला की हुई मौत।

शाहजहांपुर में करंट की चपेट में आई गाय को बचाने पहुंचे मां-बेटे को करंट लग गया। हादसे में दोनों की मौत हो गई। मां-बेटे को बचाने पहुंचे परिवार के 4 लोग भी करंट लगने से बुरी तरह झुलस गए।

स्थानीय लोगों ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने सभी घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मौत के बाद गम में डूबा परिवार।
मौत के बाद गम में डूबा परिवार।

कभी खुद से दूर नहीं जाने देती थी मां

महिला के एक बेटे ने बताया कि उसकी मां कभी हम लोगों को खुद से दूर नहीं जाने देती थी, आज मां खुद हमसे इतना दूर हो गई है। हादसे में मेरी मां और भाई हमेशा के लिए हम लोगों को छोड़कर चले गए हैं। मेरी मां जब तार से चिपकी थी तब हम लोगों ने कई बार लाइन बंद करने के लिए फोन किया, लेकिन बीस मिनट बाद लाइन बंद की गई है। दो मिनट बाद फिर से करंट आने लगा।

दोनों भाई जाने वाले थे बाहर

थाना सिंधौली क्षेत्र के गांव दीवाली की रहने वाली बिट्टा देवी के बेटे गिरजा शंकर और उसके बड़े बेटे शिवशंकर का सोमवार को अलीगढ़ में एसएससी जीडी की परिक्षा थी। एक साथ दोनों बेटो को बिट्टा देवी कभी खुद से दूर नहीं जाने देती थी। कल रात दोनों भाई अलीगढ़ जाने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन मां ने दोनों को दूर जाने के कारण परिक्षा देने से मना कर दिया था।

सफाई करने के दौरान हुआ हादसा

सुबह पूरा परिवार घर के बाहर सफाई कर रहा था। बेटे शिवशंकर ने बताया कि सफाई करते समय हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर नीम के पेड़ पर गिर गया। पेड़ से उसकी गाय बंधी थी। करंट से गाय झुलसी, तो मां ने उसको बचाने की कोशिश की। गाय को छूते ही मां भी उसमें चिपक गई। तभी उसका गिरजा शंकर मां को बचाने पहुंचा, तो वो भी उसकी चपेट में आ गया।

मौत का जिम्मेदार है बिजली विभाग

बेटे शिव शंकर ने बताया कि मां और भाई की मौत का जिम्मेदार बिजली विभाग है। समय पर अगर लाइट बंद कर दी जाती तो मां और भाई जिंदा होते। परिवार के अन्य सदस्य भी नहीं झुलसते। राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डाक्टर अनुराग पाराशर ने बताया कि छह लोग झुलसे हुए आए थे। जिनमें से दो की मौत हो गई है। चार लोगों को भर्ती किया गया है। जिनमें से नेहा और उसके पिता सुरेंद्र की हालत गंभीर है। दोनों को लखनऊ रेफर किया गया है।

बिजली का केबिल कटने से हुआ हादसा

सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव दीवाली के रहने वाले सुरेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ मकान में सो रहे थे। मकान में लगे लोहे के दरवाजे से होता हुआ बिजली का केबिल मकान के अंदर आता है। किसी तरह बिजली का केबिल कट गया और उससे लोहे के दरवाजे में करंट उतर आया।

गाय की हुई मौके पर मौत

मकान के बाहर लोहे के दरवाजे से उनकी गाय बंधी हुई थी। करंट सबसे पहले गाय को लगा और उसकी मौत हो गई। गाय को बचाने पहुंची बिट्टा देवी (50) भी करंट की चपेट में आ गई। अपनी मां को करंट की चपेट में आता देख उमाशंकर (15) भी उनके बचाने पहुंचा। जिसमें दोनों की मौत हो गई।

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