शाहजहांपुर का वकील हत्याकांड:दोनों ही वकीलों ने उम्र भर किया दूसरा काम, फिर जब दुश्मनी हुई तो अपने ही मुकदमे लड़ने के लिए बने वकील

शाहजहांपुरएक महीने पहले
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आरोपी वकील सुरेश गुप्ता (75) और मृतक वकील भूपेंद्र प्रताप सिंह (60) के बीच मुकदमेबाजी चल रही थी। - Dainik Bhaskar
आरोपी वकील सुरेश गुप्ता (75) और मृतक वकील भूपेंद्र प्रताप सिंह (60) के बीच मुकदमेबाजी चल रही थी।

शाहजहांपुर में कचहरी के अंदर वकील की हत्या का मामला काफी चर्चा में है। हत्या की एक के बाद एक वजहें खुलती जा रही हैं। अब पता चला है कि दोनों ही पेशे से वकील नहीं थे, बल्कि उन्हें आपसी दुश्मनी ने वकील बना दिया। दोनों ने उम्र भर दूसरा काम किया और बुढ़ापे में आकर अपने ही मुकदमे लड़ने के लिए वकालत शुरू कर दी।

खास बात यह है कि दोनों का ही आपराधि रिकॉर्ड नहीं है। अच्छी फैमिली से संबंध रखते हैं। आरोपी वकील का बेटा क्लीनिक चलाता है तो मृतक वकील के भाई बेसिक शिक्षा अधिकारी हैं।

ट्यूशन पढ़ाते थे भूपेंद्र
मृतक वकील भूपेंद्र सिंह (60) कुछ साल पहले बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करते थे। भूपेंद्र मूल रूप से परौर कस्बे के रहने वाले थे। भाई योगेन्द्र ने बताया कि उनके पिता बृजपाल सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। 1942 के आंदोलन में जेल गए थे। 1992 में उनका निधन हो गया था। उसके बाद वह मां वीरमती, भाई योगेन्द्र के साथ बैंक कर्मी सुरेश कुमार गुप्ता के घर रहने लगे थे। वहां जब घर खाली कराया गया तो उसके बाद बीबीजई में मकान बना लिया था।

ट्यूशन पढ़ाने के दौरान की वकालत की पढ़ाई
ट्यूशन पढ़ाने के दौरान भूपेंद्र ने वकालत की पढ़ाई शुरू की थी। करीब तीन साल पहले वकालत पूरी होने के बाद उन्होंने कचहरी में प्रेक्टिस करनी शुरू कर दी। इस दौरान सबसे ज्यादा अर्जियां उन्होंने अपने पुराने परचिति जो बाद में विरोधी बने सुरेश कुमार गुप्ता के खिलाफ लगाई, जिसमें 24 मुकदमे सुरेश के खिलाफ दर्ज कराए। आरोपी वकील सुरेश से रंजिश पूरी करने के लिए भूपेंद्र सिंह वकील बने थे।

बैंक में क्लर्क थे आरोपी वकील सुरेश गुप्ता
आरोपी सुरेश कुमार गुप्ता (75) अपनी पत्नी और बेटे गौरव के साथ अलग मकान में रहते हैं। बेटे गौरव का पिलंबरी का होलसेल का काम है। वहीं, दूसरा बेटा अंकित आयुर्वेदिक डॉक्टर है। सुरेश दस साल पहले बैंक से रिटायर हुए थे। इधर, भूपेंद्र द्वारा लगातार मुकदमे दर्ज कराए जा रहे थे। यही कारण था कि बैंक से रिटायर होने के बाद सुरेश ने वकालत की पढ़ाई शुरू की। करीब दो साल पहले ही सुरेश ने कचहरी में प्रैक्टिस करनी शुरू की और सिर्फ अपने ही मुकदमे लड़े।

सीसीटीवी में भी दिखे सुरेश
साथी वकील को गोली मारने वाले आरोपी वकील सुरेश भूपेंद्र के पीछे-पीछे एसीजेएम कार्यालय की तरफ जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद दिखे। हालांकि उनके दोनों बेटों की मौजूदगी अभी तक कचहरी के अंदर नही मिली है। लेकिन तहरीर मे आरोपी के दोनों बेटों का भी नाम है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है। पूछताछ की गई है, गिरफ्तार नहीं किया गया है।

सुरेश के शर्ट में लगे थे खून के धब्बे
एसपी एस आनन्द ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और शर्ट पर लगे धब्बों के आधार पर आरोपी को कचहरी से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के दोनों बेटों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। जांच की जा रही है।