शाहजहांपुर नगर आयुक्त ने कर्मचारी को पुलिस के हवाले किया:नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े 12 रुपये की ठगी, पीड़ित ने किया समझौता

शाहजहांपुर15 दिन पहले
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थाना सदर बाजार में खड़े पीड़ित के परिजन। - Dainik Bhaskar
थाना सदर बाजार में खड़े पीड़ित के परिजन।

शाहजहांपुर में नगर निगम कार्यालय में बेहद चौका देने वाला मामला सामने आया है। कर्मचारी पर नौकरी के नाम पर साढ़े 12 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा। प्रार्थना पत्र मिलते ही नगर आयुक्त ने पहले तो, आरोपी और पीड़ित को आमने-सामने बैठाकर आरोपों की तस्दीक कराई।

आरोप सही पाये जाने पर फौरन पुलिस बुलाकर आरोपी कर्मचारी को थाने पहुंचा दिया। थाने में आरोपी ने रुपये वापस करने आश्वासन दिया तो, पीड़ित ने कार्रवाई करने से इंकार करते हुए समझौता कर लिया। वहीं नगर आयुक्त ने कहा कि, आरोपी कर्मचारी पर विभागीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

नगर आयुक्त ने अपने कर्मचारी को पुलिस के हवाले किया
डीएम कार्यालय में तैनात रिटायर्ड लिपिक कप्तान सिंह ने शनिवार की शाम नगर निगम कार्यालय पहुंचकर नगर आयुक्त संतोष शर्मा को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि, कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने बेटे संजीव कुमार को नौकरी दिलाने के नाम पर धीरे-धीरे साढ़े 12 रुपये हड़प लिये। नौकरी नहीं मिलने पर जब पीड़ित ने रुपये मांगे तो, आरोपी कर्मचारी ने धमकाना शुरू कर दिया।

गंभीर आरोपों को देखते हुए नगर आयुक्त ने पीड़ित को अपने आफिस में बैठाया और आरोपी कर्मचारी को भी आफिस में बुलाकर पीड़ित के सामने बैठाकर आरोपों की तस्दीक कराई। जिसके बाद आरोपी कर्मचारी ने रुपये लेने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद नगर आयुक्त ने फौरन थाना सदर प्रभारी अमित पांडेय को बुलाकर आरोपी कर्मचारी को थाने पहुंचवा दिया। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

रुपये वापस करने के आश्वासन पर पीड़ित ने किया समझौता

सदर थाना प्रभारी अमित पांडेय ने बताया कि, नगर निगम के कर्मचारी पर नौकरी दिलाने के बदले रुपये ठगने का आरोप लगा है। कर्मचारी को थाने लाया गया। उसने पीड़ित को रुपये वापस करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद पीड़ित ने कार्रवाई करने से इंकार करते हुए, आरोपी कर्मचारी से समझौता कर लिया।

विभागीय जांच के बाद कर्मचारी पर होगी कार्रवाई

वहीं नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि, प्रार्थना पत्र मिलने के बाद आरोपों में सच्चाई लगी थी। इसलिए पुलिस को बुलाकर कार्यालय में तैनात आरोपी कर्मचारी को पुलिस के हवाले कर दिया है। आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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