11 साल से सड़क कर रही निर्माण का इंतजार:शाहजहांपुर में बसपा सरकार ने शुरू करवाया था काम, पहली संस्था ने खुद को दिवालिया घोषित किया, दूसरी ने काम पूरा किए बिना ही छोड़ा

शाहजहांपुर4 महीने पहले
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खराब सड़क होने के कारण लोगों को लगा रहता है हादसे का डर। - Dainik Bhaskar
खराब सड़क होने के कारण लोगों को लगा रहता है हादसे का डर।

शाहजहांपुर में बसपा सरकार में 157 किलोमीटर लंबा बरेली से सीतापुर तक फोर लेन सड़क बनाने का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी फोर लेन सड़क का काम पूरा नहीं हो सका। हाइवे पर गहरे गड्डे दो पहिया और चार पहिया वाहनों पर सवार लोगों की जान ले रहे हैं।

फोर लेन बनाने की जिस संस्था ने शुरूआत की थी कुछ साल बाद वह दिवालिया घोषित हो गई। दूसरा टेंडर जिसे मिला वह भी समय रहते कार्य को पूरा न कर सकी। बरेली मोड़ से लेकर हुलासनगला तक हाइवे पर गहरे गड्ढे हैं। जिसमें पहिये जाने से आए दिन हादसे होते रहते हैं।

नहीं हो रही गड्डों की मरम्मत

लखनऊ दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सबसे ज्यादा दो पहिया और चार पहिया वाहनों का आवागमन रहता है। लंबे सफर को कम समय में पूरा करने और हादसों में कमी लाने के लिए 11 साल पहले बसपा सरकार में बरेली सीतापुर तक करीब 157 किलोमीटर लंबा फोर लेन बनाने का निर्माण कार्य शुरू किया गया था।

कुछ किलोमीटर के टुकड़े तो बना दिए गए, लेकिन हुलासनगला के पास पुल और हाइवे पर गहरे गड्ढों की मरम्मत नहीं हो सकी। जिससे आए दिन दर्दनाक हादसे होते रहते हैं।

बजरी पड़ी होने के कारण बाइक फिसल जाती है

बरेली मोड़ से लेकर जनपद के आखिरी थाना क्षेत्र कटरा के राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ने वाले हुलासनगला रेलवे क्रासिंग तक हाइवे का रियलिटी चेक किया गया। करीब 65 किलोमीटर लंबे रास्ते को चेक किया गया।

बरेली मोड़ के पास गड्डे और उसके आसपास फैली बजरी के कारण तमाम बाइकें फिसल जाती हैं। जिस पर बैठे लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। उससे कुछ कदम की दूरी पर कार एजेंसी के पास फोर लेन सड़क शुरू होती है। डिवाइडर भी बना हुआ है, लेकिन डिवाइडर से पहले गहरे गड्डे हैं। जिनमें पानी भरा है। पानी भरा होने के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

सड़क से गुजरते हैं भारी वाहन

इसी तरह तिलहर कस्बे के नेशनल हाइवे-24 पर पुल बनाया गया है। मगर पुल की शुरूआत और पुल के बीच साइड रोड पर गहरे और बड़े गड्डे बने हैं। इसी तरह कटरा थाने के ठीक सामने पुल बन रहा है। थाने के ठीक सामने से एक सड़क है। जहां से भारी वाहन गुजरते हैं।

इतने गहरे गड्डे हैं कि थाने के पास लोगों को डर सताता रहता है कि कहीं गहरे गड्डे में पहिया जाने से वाहन पलट न जाए। थाने वाली रोड काफी पतली है। बावजूद इसके कुछ खराब ट्रक और डीसीएम को थाने के सामने रोड किनारे खड़ा कर रखा है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

मार्च 2020 तक पूरा होना था काम

साल 2010 में बसपा सरकार में फोर लेन बनाने का टेंडर एरा इंफ्रा फर्म को दिया गया था। 2018 में फर्म ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया। जिसके बाद काम को रोक दिया गया। टेंडर को निरस्त करके दोबारा से टेंडर की प्रक्रिया को शुरू किया गया। दूसरी बार में टेंडर एनएचएआई को दिया गया, लेकिन एनएचएआई संस्था भी समय रहते निर्माण कार्य को पूरा नहीं कर सकी। जबकि दिशानिर्देशों के अनुसार हुलासनगला पर बनने वाले पुल की आखिरी तारीख 31 मार्च 2020 थी।

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