शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में दो गज की दूरी ‘अधूरी’:वार्डों में किसी के चेहरे पर नहीं दिखा मास्क, एक मरीज के साथ दो-दो तीमारदार भी बैठे

शाहजहांपुर16 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में दो गज की दूरी ‘अधूरी’ । - Dainik Bhaskar
शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में दो गज की दूरी ‘अधूरी’ ।

शाहजहांपुर में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। तीसरी लहर शुरू होते ही जिले में 47 कोरोना संक्रमित मरीज सक्रिय हैं। बावजूद इसके राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बगैर मास्क लगाए और दो गज की दूरी की अनदेखी कर मरीज और तीमारदार एक-दूसरे से सटकर लाइन में खड़े हैं।

यही हाल होल्डिंग एरिया का भी है। यहां उन मरीजों को भर्ती किया जाता है, जो संदिग्ध कोरोना संक्रमित मरीज होते हैं। बावजूद इसके उनके तीमारदारों की भीड़ होल्डिंग एरिया में देखने को मिली। मेडिकल कॉलेज में एक भी जगह पर सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। बाकी जगहों पर नहीं है।

काउंटर पर लगी तीमारदारों की भीड़।
काउंटर पर लगी तीमारदारों की भीड़।

प्रतिदिन 1500 से 1600 मरीज इलाज कराने आते हैं

बता दें कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में दूर दराज क्षेत्रों से प्रतिदिन 1500 से 1600 मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। ओपीडी में सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक मरीजों को देखने के लिए डॉक्टर बैठते हैं। 5 घंटे तक ओपीडी में मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ इकट्ठा रहती है, लेकिन यहां आने वाले मरीज और तीमारदार न तो मास्क लगाकर आते हैं और न ही उनके बीच दो गज की दूरी होती है।

इतना ही नहीं मेडिकल कॉलेज परिसर में कहीं पर भी सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। पर्चा काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की लंबी लाइन लगी है। सभी एक-दूसरे बेहद सटे हुए खड़े हैं। ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जिनके चेहरों पर मास्क तक नहीं लगा है। खास बात ये है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में गार्डों की तैनाती है, जिनकी जिम्मेदारी होती है कि कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कराएं, लेकिन गार्ड भी नदारद हैं।

तीमारदारों को वार्ड में रुकने की इजाजत नहीं

राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में आने के बाद जिन मरीजों को भर्ती किया जाता है, उन मरीजों को संदिग्ध कोरोना पॉजिटिव मानते हुए होल्डिंग एरिया में भर्ती किया जाता है। सभी मरीज की कोरोना जांच होती है। रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर मरीज को शिफ्ट किया जाता है। होल्डिंग एरिया में भर्ती मरीजों के पास तीमारदारों के रुकने की इजाजत नहीं होती, लेकिन यहां होल्डिंग एरिया में हर एक मरीज पर दो दिन तीमारदार बैठे हैं। जिनके बीच दो गज की दूरी भी नहीं है। होल्डिंग एरिया में तैनात स्टाफ भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मौजूदा समय में होल्डिंग एरिया में 38 बेड की व्यवस्था है। सभी बेड फुल हैं।

तीमारदारों को वार्ड में रुकने की इजाजत नहीं है। इसके बावजूद भी तीमारदार मरीजों के साथ वार्ड में रहते हैं।
तीमारदारों को वार्ड में रुकने की इजाजत नहीं है। इसके बावजूद भी तीमारदार मरीजों के साथ वार्ड में रहते हैं।

कोविड गाइडलाइन का पालन कराने के लिए गार्ड तैनात

स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए तीन बातों का पालन करने पर ज्यादा जोर देता है। मास्क लगाना, दो गज दूरी बनाना और हाथों को बार-बार सैनिटाइज करना। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऐसा कुछ नहीं दिखता। ट्रामा सेंटर से लेकर ओपीडी के मुख्य द्वार तक पर सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं की गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कराने के लिए यहां तैनात गार्डों की एजेंसी है। ताकि वह राजकीय मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों और तीमारदारों से कोविड-19 का सख्ती से पालन कराएं। साथ ही उन्होंने सभी विभागों को पत्र लिखकर कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कराने के निर्देश दिए हैं।

खबरें और भी हैं...