यूपी में विकास का पुल 12 साल में ढहा...VIDEO:1992 में मुलायम ने नींव रखी, 2009 में मायावती ने उद्घाटन किया; 2021 योगी राज में धड़ाम

शाहजहांपुर2 महीने पहले

शाहजहांपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र में रामगंगा और बहगुल नदी पर बना 2 किलोमीटर लंबा कोलाघाट पुल रविवार देर रात गिर गया। हादसे के समय पुल पर एक कार गुजर रही थी, जो बीच में ही फंस गई। कार में 5 लोग सवार थे, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। पुल के गिरने से शाहजहांपुर-बदायूं मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। जिले की कलान तहसील का मुख्यालय से संपर्क भी टूट गया है। बताते चलें कि, इस पुल की 1992 में सपा सरकार में मुलायम सिंह यादव ने नींव रखी थी। 17 साल बाद 2009 में मायावती ने इसका उद्घाटन किया था। 2021 में भाजपा सरकार में यह गिर गया। यानी महज 12 साल में ही यह पुल टूटकर गिर गया। ​​​​

3 टुकड़ों में बंट कर गिरा पुल
बताया जा रहा कि यह पुल कुछ वर्षों में ही जर्जर हो गया था। पिछले महीने ही बीच में से धंस गया था। इसके बाद इस पर 6 अक्टूबर से 22 नवंबर तक मरम्मत का काम भी चला था। पुल के दोनों ओर पक्की दीवार बनाई गई थी, लेकिन पुल की दोबारा जांच न करने से यह हादसा हो गया। जिस जगह पर मरम्मत की गई थी। उसी जगह के पास करीब 70 फीट का हिस्सा 3 टुकड़ों में बंट कर गिरा है।

1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कोलाघाट पुल का शिलान्यास किया था।
1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कोलाघाट पुल का शिलान्यास किया था।

कार सवार लोग बोले- लगा अब नहीं बचेगी जान
हादसे में घायल कार सवार लोगों ने बताया कि वह प्रयागराज से आ रहे थे। पुल 3 हिस्सों में बना है। एक हिस्से पर उनकी कार थी। कार अचानक नीचे की ओर जाने लगी, लगा अब उनको कोई बचाने वाला नहीं है, लेकिन गनीमत रही कि ब्रेक लगाने के बाद कार रुक गई। बाहर आकर देखा तो पुल टूट कर गिर चुका था। पुल टूटने से कलान तहसील का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। अब कलान वासियों को मुख्यालय आने के लिए 65 किलोमीटर ज्यादा सफर कर फर्रुखाबाद से राजेपुर होते हुए शाहजहांपुर आना होगा।

पुल टूटने से कलान तहसील का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
पुल टूटने से कलान तहसील का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

1992 में पुल का हुआ था शिलान्यास
बता दें कि 1992 में सपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कोलाघाट पुल का शिलान्यास किया था, लेकिन नेताओं ने इस पुल को लेकर राजनीति करना शुरू कर दी। इसकी वजह से पुल बनाने का काम ठंडे बस्ते में चला गया। 2003 में जब मुलायम सिंह यादव फिर से मुख्यमंत्री बने तो पुल निर्माण को लेकर लटकी फाइलें आगे बढ़ीं। 2006 में पुल का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन 2007 में सपा की सरकार चली गई और मायावती के नेतृत्व में बसपा की सरकार बनी। हालांकि, पुल का निर्माण कार्य रुका नहीं और 3 साल में बनकर तैयार हो गया। 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ ने इसका उद्घाटन किया।

हादसे के बाद शाहजहांपुर-दिल्ली हाईवे पर यातायात ठप हो गया है।
हादसे के बाद शाहजहांपुर-दिल्ली हाईवे पर यातायात ठप हो गया है।

शाहजहांपुर-दिल्ली हाईवे ठप, इस रूट का करें इस्तेमाल
हादसे के बाद शाहजहांपुर-दिल्ली हाईवे पर यातायात ठप हो गया है। प्रशासन ने अल्लाहगंज की ओर वाहनों का डायवर्जन किया है। ऐसे में बदायूं और दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन मिर्जापुर थाने से दो किलोमीटर आगे तारापुर तिराहा से फर्रुखाबाद रोड से अल्लाहगंज के रास्ते निकल सकते हैं। वहीं, शाहजहांपुर, जलालाबाद की ओर से आने वाले वाहन बरेली-फर्रुखाबाद रोड से राजेपुर, अमृतपुर से तारापुर तिराहा होते हुए निकल सकते हैं।

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