शाहजहांपुर में तहसीलदार और विधायक में हुई कहासुनी:किसान के लोन के कागज प्रमाणित करने से तहसीलदार ने किया था इंकार, एमएलए के हस्तक्षेप के बाद हुआ काम

शाहजहांपुर2 महीने पहले
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शाहजहांपुर में फसल बर्बाद होने के चलते लोन लेने गया था किसान। - Dainik Bhaskar
शाहजहांपुर में फसल बर्बाद होने के चलते लोन लेने गया था किसान।

शाहजहांपुर में एक किसान की फसल बारिश से बर्बाद होने के चलते वह लोन लेना चाहता था। जिसके कागज प्रमाणित करवाने के लिए वह तहसीलदार के पास गया। उसने काम करने से मना कर दिया। इसकी शिकायत पीड़ित ने फोन पर विधायक से की। विधायक के कहने पर भी तहसीलदार बात मानने के लिए तैयार नहीं हुई। बाद में विधायक तहसील पहुंच गए। वहां उनकी तहसीलदार से बहस हो गई। जिसके बाद तहसीलदार ने कागज प्रमाणित कर दिए।

बाढ़ के चलते किसान की फसल हो गई थी बर्बाद
जिले के तिलहर तहसील के रहने वाले अर्जुन की फसल बाढ़ के चलते बर्बाद हो गई थी। अर्जुन ने इसकी भरपाई के लिए बैंक से लोन लेना चाहा। लोन लेने के लिए लगने वाले कागजों को तहसीलदार को प्रमाणित करना होता है। शुक्रवार को जब किसान ने तहसीलदार के पास पहुंचकर कागजातों को प्रमाणित करने के लिए कहा। तो महिला तहसीलदार ने इंकार कर दिया।

परेशान होकर किसान ने भाजपा विधायक को किया फोन
परेशान किसान ने इसकी शिकायत तिलहर विधानसभा के भाजपा विधायक रोशन लाल वर्मा से फोन पर की। जिसके बाद विधायक ने खुद तहसीलदार से फोन पर बात की। तहसीलदार ने विधायक के कहने पर भी बात मानने से इंकार कर दिया। जिसके बाद तभी विधायक अपने समर्थकों के साथ पीड़ित किसान को लेकर तहसीलदार के पास पहुंच गए। जहां पहले तो तहसीलदार और विधायक में बहस हुई। आखिरकार तहसीलदार को कागजातों को प्रमाणित करना पड़ा।

ये न सोचे कि महिला तहसीलदार हैं तो कोई कुछ नहीं कहेगा
भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा ने बताया कि वैसे भी किसानों की बाढ़ में फसल बर्बाद हो चुकी है। ऊपर से अधिकारी उनकी सुनते नहीं है। लोन कराने के लिए किसान के कागजात तहसीलदार को सिर्फ प्रमाणित करना थे। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी है कि महिला तहसीलदार होने के कारण ये न सोचे कि उनसे कोई कुछ नहीं कहेगा। और भी कई तरीके हैं। किसान से अगर मेरा संपर्क न हो पाता तो आज वह दर दर की ठोकरें खाता रहता।

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