शाहजहांपुर में साथी ने ही वकील को मारा:तमंचा जेब में रखकर कोर्ट के गेट नंबर 4 से घुसा...गोली दागी और भीड़ के साथ निकल गया

शाहजहांपुरएक महीने पहले
75 साल के आरोपी वकील सुरेश गुप्ता ने साजिश रचकर साथी वकील की कोर्ट में हत्या कर दी।

शाहजहांपुर में कोर्ट में घुसकर तमंचे से फायर करने की बात किसी के हजम नहीं हो रही थी, लेकिन हत्या की पूरी वारदात अब साफ हो गई है। दरअसल, कातिल कोई बाहरी नहीं बल्कि कोर्ट में आने जाने वाला वकील ही निकला, इसलिए तमंचा लेकर आते समय उसकी ज्यादा चेकिंग नहीं हुई। इस बात का फायदा उठाकर उसने अपने साथी वकील की हत्या कर दी।

मृतक वकील भूपेंद्र प्रताप (60) के भाई योगेंद्र प्रताप के शक जाहिर करने पर पुलिस ने आरोपी वकील सुरेश गुप्ता को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर सुरेश गुप्ता ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।

75 साल की उम्र और कत्ल की साजिश
आरोपी वकील सुरेश गुप्ता की उम्र 75 साल है, लेकिन उनकी कत्ल करने की साजिश को लेकर सभी हैरान हैं। आरोपी ने खुद स्वीकार किया कि भूपेंद्र ने उनपर 24 मुकदमे दर्ज करा दिए थे। केस लड़-लड़कर वह थक गए थे। हत्या न करते तो खुद सुसाइड कर लेते।

आईजी रमित शर्मा ने घटना का खुलासा किया। पूछताछ में आरोपी सुरेश गुप्ता ने अपना जुर्म कुबूल किया।
आईजी रमित शर्मा ने घटना का खुलासा किया। पूछताछ में आरोपी सुरेश गुप्ता ने अपना जुर्म कुबूल किया।

ऐसे रची साजिश
कोर्ट में आना-जाना था, आरोपी वकील को पता था कि उनका तमंचा ले जाना काफी आसान रहेगा। कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था से अच्छी तरह वाकिफ थे, इसलिए गेट नंबर 4 से घुसे।
उम्र का तकाजा था, इस बात का फायदा उठाया, पुलिसकर्मियों ने ज्यादा पूछताछ नहीं की।
तीसरी मंजिल में लोगों का आना-जाना कम था, इसलिए वारदात को यहीं अंजाम दिया।
मृतक भूपेंद्र की हर गतिविधि के बारे में भलीभांति पता था।

गोली मारकर आसपास घूमते रहे
आरोपी वकील सुरेश गुप्ता गोली मारने के बाद तुरंत नहीं भागे। कुछ देर भीड़ का हिस्सा रहे। सनसनी ज्यादा फैलने पर भीड़ के साथ निकल गए और अपनी सीट पर आकर बैठ गए, जैसे कुछ हुआ ही न हो। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।

हत्या के पीछे की वजह किराएदारी है। पुलिस के अनुसार, सिंजई में अधिवक्ता सुरेश गुप्ता के घर पर भूपेंद्र सिंह रहते थे। किराएदारी को लेकर भूपेंद्र का सुरेश गुप्ता से विवाद हो गया था।
हत्या के पीछे की वजह किराएदारी है। पुलिस के अनुसार, सिंजई में अधिवक्ता सुरेश गुप्ता के घर पर भूपेंद्र सिंह रहते थे। किराएदारी को लेकर भूपेंद्र का सुरेश गुप्ता से विवाद हो गया था।

बोले- कोई पछतावा नहीं
आरोपी सुरेश गुप्ता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से रिटायर हैं। पुलिस पूछताछ में उन्होंने हत्या की बात से इनकार न करते हुए फौरन कुबूल कर लिया और कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है। वह काफी तंग आ गए थे। हत्या न करते तो खुद को ही गोली मारनी पड़ती।

कातिल...इसलिए था परेशान

  • मृतक वकील दोबारा जांच की लगा देता था अर्जी, इस बात से रातों में नींद नहीं आती थी।
  • 20 साल पहले किराये का मकान खाली कराने से शुरू हुआ था विवाद।
  • मृतक वकील आरोपी वकील के घर किराये के मकान पर रहता था।
  • मृतक वकील भूपेंद्र ने एक के बाद एक करीब 153 अर्जियां कोर्ट में आरोपी सुरेश कुमार गुप्ता के खिलाफ दी थीं।
  • चोरी, डकैती, जमीन से जुड़े विवाद और हत्या जैसे मामले दर्ज कराए थे।

आरोपी पहले बैंक में था क्लर्क
चौक कोतवाली क्षेत्र के जनता इंटर कालेज के पास रहने वाले सुरेश कुमार गुप्ता बैंक में क्लर्क थे। करीब दस साल पहले उनका रिटायरमेंट हो गया था। बीस साल पहले वकील भूपेंद्र सिंह सुरेश के घर किराये पर रहते थे। तब आरोपी सुरेश ने पुलिस के सहयोग से मकान खाली कराया था। मकान खाली कराने को ही वकील भूपेंद्र रंजिश मानने लगा था। इसके बाद में दोनों में मुकदमेबाजी का सिलसिला शुरू हो गया था।

विवाद खत्म करने की भी की थी कोशिश
आरोपी वकील सुरेश ने बार संघ के अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर दोनों का विवाद खत्म करने के लिए कहा था। तब बार संघ के अध्यक्ष अनंत कुमार सिंह ने दोनों वकीलों को नोटिस देकर विवाद को चल खत्म करने की सलाह दी थी। अन्यथा में दोनों की सदस्यता खत्म करने की चेतावनी दी थी।

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