UP में कोर्ट के अंदर वकील की हत्या:5 घंटे में खुलासा; आरोपी बोला- संपत्ति विवाद में दर्ज कराए थे 24 मुकदमे, नींद नहीं आती थी, इसलिए मार दी गोली

शाहजहांपुरएक महीने पहले
UP में कोर्ट के अंदर वकील की हत्या।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में दिनदहाड़े कोर्ट के अंदर वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह थाना सदर बाजार स्थित तीसरी मंजिल में बने ACJM ऑफिस गए थे। आरोपी ने वकील को पीछे से सिर में गोली मारी। इसके बाद वह तमंचा मौके पर छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुरेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बताया कि मृतक वकील ने उसके खिलाफ 24 मुकदमे दर्ज करा दिए थे। इसलिए परेशान होकर मौत के घाट उतार दिया।

आईजी रमित शर्मा प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का खुलासा किया। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था फेल होने पर क​​चहरी के गेट नंबर चार पर तैनात एक दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।

घटनास्थल पर ही तमंचा छोड़ गया आरोपी

सोमवार को वारदात करीब 11 बजकर 45 मिनट पर हुई। वकील भूपेंद्र प्रताप सिंह (60) कोर्ट की तीसरी मंजिल में ACJM ऑफिस की ओर जा रहे थे, तभी तमंचे से उन पर फायर किया गया। गोली सिर के पिछले हिस्से में लगी। मौके पर ही मौत हो गई। उधर, कोर्ट परिसर में वकील की हत्‍या को वकीलों ने प्रदर्शन और सड़क पर जाम लगाकर गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, बड़े भाई योगेंद्र ने सुरेश कुमार गुप्ता और उनके दो बेटे अंकित और गौरव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने तफ्तीश आगे बढ़ाई।

आरोपी का कुबूलनामा
हत्यारोपी ने पुलिस को बताया कि मृतक वकील ने उसके ऊपर 24 मुकदमे दर्ज करा दिए थे। हर साल दो-तीन मुकदमे दर्ज करा देता था। 153 शिकायत रिसीव कर चुका था। रात में नींद नहीं आती थी, खाना नहीं खा पाता था। मेरे पास दो आप्शन थे। खुदकुशी करना या फिर वकील की हत्या करना। जेब में तमंचा रखकर कोर्ट के अंदर गया था। मुझे कोई पछतावा नहीं है।

वकील भूपेंद्र प्रताप सिंह (60) कोर्ट की तीसरी मंजिल में ACJM ऑफिस की ओर जा रहे थे, तभी तमंचे से उन पर फायर किया गया। गोली सिर के पिछले हिस्से में लगी। मौके पर ही मौत हो गई।
वकील भूपेंद्र प्रताप सिंह (60) कोर्ट की तीसरी मंजिल में ACJM ऑफिस की ओर जा रहे थे, तभी तमंचे से उन पर फायर किया गया। गोली सिर के पिछले हिस्से में लगी। मौके पर ही मौत हो गई।

बड़े भाई ने लगाया हत्या का आरोप

वकील भूपेंद्र प्रताप 3 भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई योगेंद्र प्रताप हैं, मंझले भाई महेन्द्र प्रताप हैं। योगेंद्र ने हत्या की तहरीर दी। इसमें उन्होंने चौक कोतवाली क्षेत्र के एक ही परिवार के तीन लोगों पर आरोप लगाया। उनका कहना है कि छोटे भाई भूपेंद्र प्रताप का इन लोगों के साथ संपत्ति को लेकर मुकदमा चल रहा था, जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और सुरेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ पर जुर्म कुबूल कर लिया।

वारदात के समय कोई मौजूद नहीं था
जिस वक्त वारदात हुई, उस वक्त ऑफिस में कोई मौजूद नहीं था, इसलिए काफी देर तक किसी को कुछ पता नहीं चल सका। बाद में एक क्लर्क वहां पहुंचा, तो भूपेंद्र सिंह जमीन पर पड़े हुए थे और उनके सिर से खून निकल रहा था। सूचना मिलते ही SP एस आनंद, DM इंद्र विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कोर्ट के CCTV फुटेज खंगाले।

घटनास्थल से बरामद तमंचा।
घटनास्थल से बरामद तमंचा।

तमंचे के साथ कोर्ट में कैसे घुसा आरोपी?
कोर्ट परिसर में तमंचे के साथ दाखिल होने पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज से स्पष्ट हो सकेगा कि चूक कहां हुई। इससे यह भी पता चल सकेगा कि आरोपी बाहर का है या कोर्ट परिसर का ही है। उसका कितने दिनों से यहां आना-जाना था, इसकी भी जांच की जा रही है।

प्रियंका और मायावती ने सरकार को घेरा

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और बसपा अध्‍यक्ष मायावती ने योगी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट करते हुए कहा है कि यूपी में अपराध पर कोई लगाम नहीं है। वहीं, मायावती ने कहा कि यह वारदात भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था की स्थिति और इस बारे में सरकारी दावों की पोल खोलती है।

इन बिंदुओं पर हुई जांच

  • हत्या की पीछे क्या वजह हो सकती है?
  • आरोपी ने हत्या के लिए सुनसान एरिया चुना, क्या वह कोर्ट कैंपस से वाकिफ था?
  • भूपेंद्र सिंह के परिवार से भी जानकारी ली गई।
  • हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की संभावना को लेकर भी पड़ताल की गई।
  • कोर्ट में भूपेंद्र सिंह से मिलने-जुलने वालों से भी जानकारी ली गई।
कोर्ट परिसर में मौजूद पुलिस।
कोर्ट परिसर में मौजूद पुलिस।

फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

वारदात के बाद फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉयड को बुलाया गया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। तमंचे से फिंगर प्रिंट भी ले लिए गए। तीसरी मंजिल में आने-जाने वाले लोगों के फुट प्रिंट पर फोकस किया गया।

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