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शामली में भूख से 8 गोवंशों की मौत:सड़ रहे गोवंशों के शवों को नोच रहे कुत्ते और कौवे; बदबू से परेशान होकर ग्रामीणों ने हंगामा किया, बोले- रोज मर रहीं 1-2 गोवंश, कोई देखने वाला नहीं

शामली2 महीने पहले
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सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कोई भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। - Dainik Bhaskar
सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कोई भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा।

शामली में भूख की वजह से सोमवार को 8 गोवंशों की मौत हो गई। बदबू से परेशान होकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां पर रोज एक-दो गाय मर रही हैं। जिनके शव कई दिनों तक सड़ते रहते हैं। बदबू से जीना मुहाल हो गया। कोई देखने वाला नहीं है। शवों को कुत्ते और कौवे नोच रहे हैं। उधर, हंगामे की सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कोई भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा।

मामला आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के नंगली जमालपुर गांव के पास बनी वृहद गौशाला केंद्र का है। यहां पर करीब 250 गौवंशों का संरक्षण किया जा रहा है। गौशाला की जिम्मेदारी जिला प्रशासन ने मोहिनी ट्रस्ट को दी गई है। गौवंशों की देखरेख के लिए पांच छोटे बच्चे, एक महिला और एक पुरुष हैं। गौशाला के बगल में रहने वाले संदीप मलिक ने बताया कि गौवंशों को सूखा भूसा दिया जाता है। न तो अच्छे पानी की व्यवस्था है और न ही अच्छे खाने की। जिसके कारण यहां पर गोवंशों की मौत हो रही है। अब तक 50 से ज्यादा गोवंशों की मौत हो चुकी है।

मरने के बाद गड्‌ढों में गोवंशों को फेंक दिया जाता है।
मरने के बाद गड्‌ढों में गोवंशों को फेंक दिया जाता है।
गोशाला में गंदगी के बीच गोवंश रह रहे हैं।
गोशाला में गंदगी के बीच गोवंश रह रहे हैं।

पानी और खाने की नहीं व्यवस्था

गौशाला केंद्र में काम करने वाले बच्चे ने बताया कि यहां पर ना तो हम लोगों को सही खाना दिया जाता है और न ही जानवरों को। गंदगी भी बहुत है। जानवरों को सूखा भूसा खाने के लिए किया जाता है। गोवंशों की मौत भूख प्यास के कारण ही हुई है। डॉक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि मुझे उच्च अधिकारियों के आदेश पर यहां भेजा गया है। मैंने देखा कि 8 गोवंशों की मौत हुई है। सभी गोवंश की मौत भूख प्यास के कारण ही हुई है। मेरी जांच पड़ताल के दौरान गौशाला केंद्र का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति यहां मौजूद नहीं है।

गोशाला में जगह-जगह गोवंशों के शव पड़े मिले।
गोशाला में जगह-जगह गोवंशों के शव पड़े मिले।

अधिकारियों की लापरवाही से गोवंशों की हो रही मौतें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करोड़ों रुपए खर्च कर जिलों में गौशाला का निर्माण कराया है। गौशाला की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी गई थी। जिला प्रशासन ने यह जिम्मेदारी ट्रस्ट और एनजीओ को दे दी। लेकिन इसके बाद अधिकारी कभी निरीक्षण नहीं करते हैं। जिसके चलते गौ संरक्षण केंद्रों को मिलने वाला बजट डकार लिया जाता है और भूख प्यास की वजह से गोवंशों की मौत होती रहती हैं।

डॉक्टर ने निरीक्षण के दौरान बताया कि यहां पर कोई भी जिम्मेदार मौजूद नहीं है।
डॉक्टर ने निरीक्षण के दौरान बताया कि यहां पर कोई भी जिम्मेदार मौजूद नहीं है।
ग्रामीणों के हंगामा करने पर पुलिस पहुंची थी।
ग्रामीणों के हंगामा करने पर पुलिस पहुंची थी।
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