शामली में पीएम आवास योजना में रिश्तखोरी:आवास पास होने के बाद गरीब परिवार से अधिकारियों ने मांगे पैसे, एक कमरे में रहने को मजबूर

शामली3 महीने पहले
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शामली में अपने बच्चों संग कच्चे मकान में रह रहे मजदूर दंपति ने सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया है। गरीब दंपति का कहना है कि हम लोगों ने सरकारी आवास के लिए पंजीकरण करवाया था। जिसमें हम लोगों को आवास पास हो गया था।

आवास पास होने के बाद अधिकारी हम लोगों से रिश्वत मांगने लगे। जब हम लोगों ने पैसै देने से मना किया तो उन लोगों ने आवास के लिए पैसे देने से मना कर दिया। जब हम लोगों ने कहा कि पहली किस्त मिलने के बाद हम आप लोगों को पैसे दे देंगे तभी वो लोग नहीं माने।

अधिकारियों ने किया मकान का निरीक्षण

शामली की नूरानी मस्जिद के पास एक मजदूर दंपति अपने बच्चों के संग रहता है। मजदूर महिला का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपने फार्म भरे थे।सरकार ने उनका मकान पास कर दिया था। अधिकारी उनके मकान का निरीक्षण करने के लिए आते हैं। फोटो खींचने के बाद उनसे मकान पास कराने के नाम पर रुपयों की मांग करते हैं। महिला का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों से गुहार लगाई है कि अगर पहली किस्त आ जाएगी तो आप अपना मेहनताना किस्त से काट लेना।

मकान की छत गिरने का खतरा

मगर मकान का निरीक्षण करने आने वाले अधिकारी उनसे पहले रुपयों की मांग करते हैं। मगर उनके पास रिश्वत देने के लिए रुपए नहीं हैं। पीड़ित महिला का कहना है कि एक वर्ष पूर्व भी उनके मोहल्ले में एक मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी। उन्हें डर है कि कहीं बरसात में उनके भी मकान की छत ना गिर जाए और हादसा हो जाए।

अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

मामले में डूडा विभाग के जिला इंचार्ज प्रदीप कुमार का कहना है कि उक्त मामले में जांच करा कर जल्दी कार्रवाई की जाएगी। हो सकता है कि कोई बिचौलिया ही उनका फायदा उठाकर पैसे ठगी करना चाहता हो। जो मामला संज्ञान में लाया गया है उसकी जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।