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कैराना का भगोड़ा सपा MLA नाहिद हसन गिरफ्तार:गैंगस्टर केस में एक साल से चल रहे थे फरार, बोले- मैं मुकदमों पर योगी की तरह रोने वाला नहीं

मेरठ/शामली7 दिन पहले

शामली में सपा प्रत्याशी नाहिद हसन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे तब गिरफ्तार किया जब वे नामांकन के काम के लिए कलेक्ट्रेट जा रहे थे। नाहिद को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूर्व में कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे में नाहिद हसन की जमानत खारिज कर दी थी। मौके पर पुलिस फोर्स और पीएसी मौजूद है। गिरफ्तारी के बाद नाहिद ने कहा, 'मैं योगी की तरह फर्जी मुकदमे में रोने वाला नहीं हूं। सच्चाई की जीत होगी, मैं योगी की तरह रोने वाला नहीं हूं।'

सपा प्रत्याशी पर 17 मुकदमे दर्ज हैं। शनिवार को कैराना से शामली के रास्ते पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। नाहिद की अचानक गिरफ्तारी से सियासी हलको में भी काफी चर्चा हो रही है। बता दें, नाहिद हसन कैराना से विधायक हैं और साल 2016 में कैरानाकांड के उनका नाम आया था। वे गैंगस्टर केस में एक साल से फरार चल रहे थे। भाजपा के तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने आरोप लगाया था कि सपा सरकार में कैराना से हिंदू पलायन कर रहे हैं।

कोर्ट में पेशी के लिए जाते सपा प्रत्याशी नाहिद हसन। (ब्लैक जैकेट में)
कोर्ट में पेशी के लिए जाते सपा प्रत्याशी नाहिद हसन। (ब्लैक जैकेट में)

सोमवार को जमानत पर सुनवाई, नाहिद को जेल

शनिवार को नाहिद हसन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां उनके अधिवक्ता राशिद अली चौहान ने कोर्ट के समक्ष कैराना विधायक का जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करने को कहा। कोर्ट ने नाहिद हसन को जिला जेल भेज दिया। एड. राशिद अली चौहान ने बताया कि नाहिद हसन की और से शुक्रवार को उनके प्रतिनिधि ने नामांकन के दो सैट जमा किए थे। बताया कि शनिवार को वह ओथ के लिए जा रहे थे। रास्ते में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

नहीं मिली थी जमानत

बताते चलें कि कैराना मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। नाहिद हसन को 2020 में एक मुकदमे के सिलसिले में एक माह से अधिक जेल में बिताने पड़े थे। फरवरी 2021 में नाहिद हसन तथा उनकी माता तबस्सुम बेगम सहित पुलिस ने 38 अन्य पर गैगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। नाहिद हसन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिल पाई थी।

इसके बाद गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने नाहिद हसन को भगोड़ा घोषित किया था। सितंबर 21 में उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया था, कुछ घंटों के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। पुलिस ने उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट भी लगा दिया।

कैराना कांड मामले में फरार चल रहा था

नाहिद हसन पूर्व विधायक मुनव्वर हसन के बेटे हैं। नाहिद की मां तबस्सुम पूर्व सांसद हैं। उन्होंने 2018 के उप चुनाव में कैराना से चुनाव जीता था। हाल ही में सपा और राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन ने 29 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। नाहिद गैंगस्टर एक्ट लगने के बाद से भूमिगत हो गया था।

जाटों पर विवादित टिप्पणी कर सुर्खियों में आया नाम

भगोड़ा घोषित होने के बावजूद सपा विधायक नाहिद हसन वर्तमान में कृषि कानूनों के खिलाफ हो रही महापंचायतों में नजर आते हैं। बीते साल उन्होंने एक विवादित बयान देकर पश्चिमी यूपी की मुस्लिम-जाट सियासत में नया बखेड़ा कर दिया था। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था कि जाटों की दुकानों से सामान खरीदना बंद कर दें। उन्होंने मुसलमानों से एकजुट रहने और मुसलमान कारोबारियों को ही बढ़ाने का संदेश दिया था।

मुकाबले पर मृगांका, गर्माएगा पलायन का मुद्दा

सपा ने नाहिद हसन को कैराना से पार्टी उम्मीदवार घोषित किया है। जबकि भाजपा ने स्व. सांसद बाबु हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को कैराना से पार्टी प्रत्याशी बनाया है। कैराना का नाम आते ही पलायन का मुद्दा लोगों के जहन में घूमने लगता है। कैराना में पलायन का मुद्दा मृगांका के पिता स्व. हुकुम सिंह ने ही उठाया था। हांलाकि नाहिद गिरफ्तार हो कर जेल जा चुके हैं, लेकिन कैराना विधानसभा चुनाव में पलायन का मुद्दा ही गर्माने के आसार हैं। जाहिर है भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह चुनावी नैया पार लगाने के लिए इस मुद्दे को फिर से भुनाने की कोशिश करें।