वरुण के बाद जयंत बोले- पेंशन नहीं चाहिए:4 साल की नौकरी में अग्निवीरों को पेंशन नहीं, तो 5 साल में सांसद-विधायकों को क्यों?

शामली3 महीने पहले

पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी के बाद अब राज्यसभा सांसद जयंत चौधरी ने पेंशन छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा, ''सरकार अग्निवीरों को 4 साल की नौकरी के लिए पेंशन नहीं दे रही है। ऐसे में 5 साल के सांसदों के लिए भी पेंशन नहीं लागू होनी चाहिए। इसलिए मैं सांसद होने के नाते पेंशन नहीं लेने का फैसला लेता हूं।''

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राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी मंगलवार को शामली में युवा पंचायत में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ''अग्निवीर 4 साल के बाद घर आएंगे, तो वह खुद को न आर्मी वाला कह पाएंगे और न ही अपने आप को नौकरी पेशा बोल पाएंगे।''

जयंत ने कहा, ''सरकार की यह योजना युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर ले जाने वाली है। इस योजना का हम सभी को डटकर मुकाबला करना है। इस सरकार में बेरोजगारी का मुद्दा बड़ा मुद्दा है।''

पंचायत में जयंत चौधरी ने युवाओं को अग्निपथ स्कीम का विरोध करने की अपील की।
पंचायत में जयंत चौधरी ने युवाओं को अग्निपथ स्कीम का विरोध करने की अपील की।

"मुकदमे ग्रामीणों पर नहीं, मुझ पर लिखे जाएं"
जयंत चौधरी ने कहा, "मेरे आने पर पता चला है कि जो युवा पंचायत में आए हैं, उनका नाम पुलिस गांव-गांव जाकर नोट कर रही है। मैं योगी और पुलिस को बताना चाहता हूं कि मुकदमे ग्रामीणों पर नहीं मुझ पर लिखना चाहिए। अब पंचायतों का दौर चलेगा। आने वाले 3 तारीख को मुजफ्फरनगर में पंचायत होगी। आने वाले वक्त में मैं अपनी निधि का सौ फीसदी प्रयोग युवाओं के खेल में करूंगा।"

"वो बेचने में माहिर, सभी सरकारी कंपनियों को बेच देंगे"
जयंत चौधरी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, "वो बेचने में माहिर हैं। सभी सरकारी कंपनियों को बेच देंगे, तो नौकरी कहां से मिलेगी। हमारे बच्चे पढ़ने में सही होते हैं, मगर उनकी अंग्रेजी कमजोर होती है। इसीलिए गांव के बच्चों को इन कंपनियों में नौकरी नहीं मिलती। प्राइवेट सेक्टर में पिछड़े वर्ग के बच्चों की गिनती निम्न स्तर पर है। इसका सर्वे कराया जाए।" जयंत ने कहा, "मैं एक प्राइवेट बिल की तैयारी कर रहा हूं, जिसमें कमेटी बनाऊंगा।

केंद्र सरकार युवाओं को नौकरी देने के लिए आर्मी की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना लेकर आई है, जिसको लेकर पूरे देश में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी को लेकर अब राष्ट्रीय लोक दल युवाओं के सहारे अपना कार्ड खेलने की तैयारी में है।

रालोद की तरफ से हुई शामली की पंचायत में आसपास जिलों से भी तमाम लोग आए थे।
रालोद की तरफ से हुई शामली की पंचायत में आसपास जिलों से भी तमाम लोग आए थे।

''सरकार नौजवानों को आग में झोंक रही है''
जयंत ने कहा, " इस योजना को वापस लेना होगा। सरकार नौजवानों को आग में झोंक रही है। यह योजना एक रात और एक दिन में नहीं बनी। तीन साल पहले ही मोदी तय कर चुके थे कि सेना में भर्ती नहीं करेंगे, अगर भर्ती करेंगे भी तो ऐसी करेंगे, जिसमें नौकरी न देना पड़े। नौजवानों के लिए देश में पहला ऐसा राजनीतिक कार्यक्रम हो रहा है। वरना उनको कोई पूछ नहीं रहा था, वो खुद जाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हम नौजवानों को मंच देंगे।"

यह पंचायत शामली के काबड़ौत के इंटर कॉलेज में हुई। पंचायत में रालोद के 2 विधायक और जिला अध्यक्ष भी शामिल हुए। इसके अलावा नाहिद हसन की बहन इकरा हसन भी शामिल हुईं, यह पंचायत तीन घंटे चली, जिसमें युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। अग्निपथ योजना के खिलाफ रणनीति बनाई गई।

अब आइए पढ़ते हैं कि वरुण गांधी की बात, उन्होंने कहा था, ''मैं स्वेच्छा से पेंशन छोड़ता हूं''

वरुण गांधी ने पेंशन छोड़ने का ऐलान ट्वीट कर किया था। उन्होंने सांसद-विधायकों से भी पेंशन छोड़ने की अपील की थी।
वरुण गांधी ने पेंशन छोड़ने का ऐलान ट्वीट कर किया था। उन्होंने सांसद-विधायकों से भी पेंशन छोड़ने की अपील की थी।

सांसद वरुण गांधी यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले से ही अपनी ही सरकार पर हमलावर हैं। वे युवाओं, बेरोजगारों और किसानों के मुद्दों को उठाते रहते हैं। अग्निपथ के विरोध में उन्होंने प्रदर्शन करने वाले युवाओं का समर्थन किया था।

एक दिन पहले उन्होंने लिखा था, ''भारत की महान जनता ने कभी स्वच्छता के लिए टैक्स दिया तो कभी जरूरतमंदों को गैस मिले, इसलिए अपनी सब्सिडी छोड़ दी। इस त्याग भाव से प्रेरणा लेकर क्या हम सभी देशभक्त सांसद अपनी पेंशन का त्याग कर सरकार का बोझ कम नहीं कर सकते, वरुण गांधी ने लिखा अग्निवीरों को पेंशन की राह आसान नहीं कर सकते?''

इससे पहले 24 जून को वरुण ने सवाल करते हुए लिखा था, ''अल्पावधि की सेवा करने वाले अग्निवीर पेंशन के हकदार नही हैं तो जनप्रतिनिधियों को यह 'सहूलियत' क्यों? राष्ट्र रक्षकों को पेंशन का अधिकार नहीं है तो मैं भी खुद की पेंशन छोड़ने को तैयार हूं। क्या हम विधायक और सांसद अपनी पेंशन छोड़ यह नहीं सुनिश्चित कर सकते कि अग्निवीरों को पेंशन मिले?

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