पेपर लीक के 3 किरदारों की कहानी:शामली का मनीष बीए पास; देहरादून में चलाता था कंप्यूटर सेंटर, 12 वीं पास रवि और धर्मेंद्र खेती करते हैं

शामली7 महीने पहले
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पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया, एक की कर रही तलाश। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया, एक की कर रही तलाश।

शामली में TET की परीक्षा लीक करने के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। चौथा आरोपी अजय फरार होने में कामयाब रहा। ये सभी आरोपी शामली के आस-पास के गांवों के ही रहने वाले हैं। मुख्य चारों आरोपी किसान परिवार से हैं।

कुछ दिन पहले ही ये लोग बागपत के रमाला गांव में मिले थे। माना जा रहा है कि वहीं पर पेपर लीक करने की साजिश रची गई। आरोपियों ने पेपर लीक करने के लिए 50 लोगों से संपर्क किया था। 50 हजार रुपए में पेपर बेच रहे थे। तीनों के पास से आज का ऑरिजनल पेपर भी बरामद हुआ है।

UP टीईटी 2021 का पर्चा लीक होने की वजह से परीक्षा रद्द हो गई है। पर्चा सोशल मीडिया पर गाजियाबाद, मथुरा, बुलंदशहर में सामने आया था। पेपर कैंसिल होने के बाद छात्रों में गुस्सा है। STF मेरठ ने शामली से 3 आरोपियों को पेपर के साथ पकड़ा है। पेपर लीक का मास्टरमाइंड इन्हीं को माना जा रहा हैं।

कंप्यूटर का जानकार है आरोपी मनीष
आरोपी मनीष गांव झाल का रहने वाला है। उसने 2016 में बड़ौत कॉलेज से बीए पास किया। कुछ समय पहले वो अपने कुछ दोस्तों के साथ हरियाणा चला गया था। उसने देहरादून में कंप्यूटर सेंटर शुरू किया था।|

कोरोना काल में उसे काफी नुकसान हुआ। इसके बाद मनीष का कंप्यूटर सेंटर बंद हो गया। 2020 में वह शामली वापस आ गया। मनीष के पिता देवेंद्र मलिक ग्राम प्रधान हैं। उनके पास करीब 10 बीघा जमीन हैं। मनीष अब गांव में रहकर खेतीबाड़ी करने लगा था।

आरोपी रवि है 12वीं पास

आरोपी रवि गांव नाला कांधला का रहने वाला है। रवि 12वीं पास है। कोई नौकरी नहीं होने की वजह से वह अपने पिता के साथ खेती करता है। रवि के पड़ोसियों का कहना है कि यह कभी लगा ही नहीं कि रवि इस तरह के कामों में शामिल हो सकता है।

धर्मेंद्र भी करता है खेती-बाड़ी
आरोपी धर्मेंद्र गांव बुतराड़ी सदर कोतवाली का रहने वाला है। वह भी 12वीं पास है। धर्मेंद्र भी पढ़ाई में कमजोर होने की वजह से 12वीं के आगे नहीं पढ़ सका। जब कुछ काम नहीं मिला तो पिता के साथ खेती-बाड़ी में जुट गया। अचानक से परिवार और मोहल्ले वालों को पता चला कि बेटा अपराधी है।

बागपत में हुई थी चारों की मुलाकात
चारों आरोपियों की कुछ दिन पहले ही बागपत के गांव रमाला में मुलाकात हुई थी। तीनों ही अपने हालात से परेशान थे। जांच में सामने आ रहा है कि इन लोगों ने पेपर लीक की साजिश भी रमाला में ही रची है। मनीष के पिता राजनीति में अच्छी पकड़ रखते हैं। वो रालोद पार्टी को सपोर्ट भी करते हैं।

चौथे आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। तीनों पकड़े गए आरोपियों के पास से 17 हजार की नगदी, ओरिजिनल पेपर की कॉपी और उसकी कई फोटोस्टेट बरामद हुई हैं। तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर स्थानीय पुलिस और STF मेरठ पूछताछ कर रही है। वहीं चौथे आरोपी अजय की तलाश की जा रही है। इनके अलावा टीम ने 7 लोगों को और गिरफ्तार किया है।

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