लोन के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी:ऊन के साइबर सेल प्रभारी की जनता से अपील, किसी भी ऐप से लोन लेने से पहले उसकी जांच जरूरी

ऊन3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

शामली जनपद के साइबर सेल प्रभारी और क्षेत्र के गढ़ी पुख्ता थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने जनता से अपील की है कि आजकल साइबर क्राइम बहुत अधिक बढ़ रहा है। स्मार्टफोन के माध्यम से लोन लेने के चक्कर में लोग फर्जी एप्स या गलत तरीके से क्लिक करके ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं। कोई भी लोन लेने से पहले उस ऐप की जानकारी कर लेना बहुत जरूरी है।

टर्म्स एंड कंडीशन्स को न दे एक्सेस
​​​​​​​
कर्मवीर सिंह ने बताया कि पैसे की जरूरत में लोग लोन चाहते हैं। जैसे ही व्यक्ति प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करते हैं, तो बिना सोचे समझे उनके सभी टर्मस एंड कंडीशन्स को यस कर देते हैं। ऐसा करते ही उस व्यक्ति के फोन की गैलरी कॉन्टैक्ट्स मीडिया आदि से भी जानकारी साइबर अपराधी के पास पहुंच जाती हैं। ऐसे में साइबर अपराधी पेमेंट की मांग करता है और जब उसे पैसे नहीं मिलते तो वह साइबर अपराधी ब्रॉडकास्ट ग्रुप के माध्यम से और डीपी पर उसकी फोटो एडिट करके तमाम कांट्रेक्टर के पास रेपिस्ट, हत्यारा, लोन लेकर भागने वाला आदि तरीकों से बदनाम कर उसकी छवि को खराब करता हैं। तब आदमी विवश होकर उसे पैसे देने को तैयार हो जाता है।

फ्राड एप्स को डाउनलोड करने से बचने की सलाह
साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने साइबर क्राइम से बचाने हेतु लोगों को निम्नलिखित ऐप्स डाउनलोड न करने की सीख दी है। जैसे फ्लेक्सी लोन, कैश वर्ल्ड, रुपए टाइगर, कैश एडवांस, यस कैश, रूपी लोन, इनफ्रीट कैश, क्रेडिट कैश, लोन साथी, रूपी हाफ स्टैंड आदि एप्स को फर्जी ऐप करार देते हुए इनसे बचने की सलाह दी है।

कर्मवीर सिंह का कहना है कि किसी एप्स के माध्यम से लोन लेना है, तो वह आरबीआई या किसी ट्रस्टेड कंपनी से वेरिफिकेशन कर ले, तभी लोन लेने की प्रक्रिया शुरू करें। इस मामले में कोई भी संदेहास्पद मामला दिखाई पड़े तो तुरंत साइबर पुलिस को सूचित करें। ताकि अपराधियों खिलाफ कार्रवाई हो सके।

साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने दी जानकारी
साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने दी जानकारी

ये लोग हुए साइबर ठगी का शिकार
अब से 5 दिन पहले गांव रजाक नगर निवासी संजय के खाते से ₹180000 निकाले जा चुके हैं, टिटोली के मास्टर महावीर सिंह के खाते से करीब दो लाख निकाले जा चुके हैं। ऊदपुर के निवासी अध्यापक परविंदर के खाते से 2 लाख समेत सैकड़ों पीड़ित लोग हैं।

खबरें और भी हैं...