श्रावस्ती में 4 माह बाद भी स्कूलों में किताबें नहीं:पुरानी किताबों से पढ़ रहे बच्चे; विभाग ने BRC पर किताबों के होने की बात कही

श्रावस्तीएक महीने पहले
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श्रावस्ती जनपद में गर्मियों की छुट्टी के बाद 16 जून से परिषदीय विद्यालय खुल गए थे। इसके बाद लगातार महीने पर महीने बीते गए, लेकिन नई किताबें विद्यालयों में नहीं पहुंची। हालांकि जो शिक्षक थे, वह पुरानी किताबों से लगातार बच्चों को शिक्षा दे रहे थे। वहीं विभाग द्वारा अधिकतर विद्यालयों में अब नई किताबें पहुंचा दी गई हैं।

विभाग ने कहा- नई किताबें दे दी गई हैं
करीब 4 महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कई विद्यालयों में अभी भी नई किताबें नहीं आई हैं। जिसके चलते मजबूरन बच्चों को पुरानी किताबों से ही पढ़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है। विभाग ने बीआरसी पर नई किताबें डंप होने की बात जरूर कही जा रही है, लेकिन विद्यालय तक किताब नहीं पहुंची है।

बता दें कि श्रावस्ती जनपद में गर्मी की छुट्टियों के बाद 16 जून को ही सभी परिषदीय विद्यालय खुल गए थे। आज चार महीने बीत गए, लेकिन दर्जनों स्कूलों में अभी तक नई किताबें नहीं पहुंची हैं। बच्चों को पुरानी किताबों से ही पढ़ाया जा रहा है। हालांकि नई किताबें जल्द ही आने की बात भी कही जा रही थी, लेकिन महीने पर महीने बीतते गए। फिर भी किताबें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।

जानकारी के मुताबिक, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय इमलिया करनपुर, बड़ा करनपुर सहित कई विद्यालय अभी भी ऐसे हैं, जहां पर नई किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। हालांकि विभाग द्वारा बीआरसी पर किताबें डंप होने की बात भी कही जा रही है। वहीं, शिक्षक तपन कुमार मंडल,सुशील, रवींद्र आदि का कहना है कि किताबें बीआरसी पर हैं, उन्हें जल्द ही स्कूल पर लाया जाएगा।

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