श्रावस्ती के परिषदीय विद्यालयों में नहीं पहुंची किताबें:पुरानी किताबों से पढ़ रहे बच्चे, लोगों ने कहा- दांव पर है बच्चों का भविष्य

श्रावस्ती2 महीने पहले
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सितबंर का महीना बीतने वाला है, लेकिन श्रावस्ती के कई परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को अभी तक किताबें नहीं उपलब्ध कराई गई है। जिसके चलते छात्र पुरानी किताबों से ही पढ़ रहे हैं। जिससे शिक्षण सत्र भी बच्चों का पिछड़ रहा है। हालांकि शिक्षकों का कहना है कि शासनादेश के निर्देश के अनुसार जब तक नई किताबें नहीं आती तब तक पुरानी किताबों से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा। ऐसे में परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य दांव पर है।

जुलाई से शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के बाद नई किताबें विद्यालय में नहीं आई। जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। हालांकि विद्यालयों में पुरानी किताबों से शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। नई किताबें न मिलने से शिक्षण सत्र पिछड़ रहा है फिर भी विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। कुछ विद्यालयों में किताब पहुंची है, लेकिन अभी कई ऐसे विद्यालय हैं जहां पर किताबें नहीं पहुंची हैं।

श्रावस्ती के परिषदीय विद्यालय के छात्र पुरानी किताबों से कर रहे पढ़ाई।
श्रावस्ती के परिषदीय विद्यालय के छात्र पुरानी किताबों से कर रहे पढ़ाई।

कई विद्यालयों में नहीं पहुंची किताब ​​
संविलियन विद्यालय के शिक्षक तपन कुमार मंडल ने बताया कि ज्यादातर जगहों पर किताबें विद्यालयों में पहुंच गई हैं। बच्चे नई किताबों से पढ़ रहे हैं। लेकिन अभी तक उनके खुद के विद्यालय इमलिया करन के साथ अन्य कई विद्यालय हैं। जहां पर किताबें नहीं पहुंची हैं।

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