श्रावस्ती में सड़क पर चल रहा प्राथमिक विद्यालय:2017 में बाढ़ कट गया था स्कूल, दान की जमीन पर टीन शेड के नीचे होती थी पढाई

श्रावस्ती2 महीने पहले
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सड़क पर बैठकर पढ़ाई करते हुए बच्चे, पांच साल से ऐसे ही चल रही शिक्षा व्यवस्था, विभाग नहीं दे रहा ध्यान। - Dainik Bhaskar
सड़क पर बैठकर पढ़ाई करते हुए बच्चे, पांच साल से ऐसे ही चल रही शिक्षा व्यवस्था, विभाग नहीं दे रहा ध्यान।

श्रावस्ती जनपद के बरंगा गांव में 2017 में आई बाढ़ से विद्यालय कट गया था। इसके बाद बच्चों को पास के गांव सलारु पुरवा में एक टिन शेड के नीचे पढ़ाया जा रहा था। वहीं कुल 118 बच्चों को एक प्रधानाध्यापक और शिक्षामित्र पढ़ा रहे रहे हैं। पिछले करीब 1 वर्ष से ज्यादा समय से विद्यालय टीन शेड के नीचे चल रहा है।

यह जमीन दान की हुई है। वहीं कभी-कभी बच्चे सड़क पर भी बैठ कर पढ़ाई करते हैं। जिसके चलते शिक्षा विभाग पर अब बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। लेकिन इस मामले में विभाग का कोई भी जिम्मेदार कोई भी जवाब नहीं दे रहा।

पढ़ाई करते हुए बच्चे।
पढ़ाई करते हुए बच्चे।

विद्यालय के लिए दान दी थी 16 बिस्वा जमीन

आपको बताते चलें की गांव के किशोरी लाल वर्मा ने करीब एक साल पहले विद्यालय को कुल 16 बिस्वा जमीन दान में दे दी थी।वही जिस पर टीन सेट रखा है और बच्चे इसी में पढ़ाई करते थे। लेकिन परिसर में जलभराव हो जाने के चलते बच्चे कई दिनों से अब पीडब्ल्यूडी की सड़क पर ही पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं अब शिक्षा विभाग जमीन मिलने के बाद भी भी विद्यालय का निर्माण नहीं करा सका।जिसके चलते अब बच्चों को सड़क पर बैठकर ज्यादा समय पढ़ाई करनी पड़ रही है।

इसी टीन शेड के नीचे होती है पढ़ाई, 5 साल बीतने के बाद भी नहीं बन सका स्कूल।
इसी टीन शेड के नीचे होती है पढ़ाई, 5 साल बीतने के बाद भी नहीं बन सका स्कूल।

पांच साल बाद भी प्रशासन ने नहीं बनवाया स्कूल

बताते चलें की गांव के लोगों के द्वारा बताया गया है कि दोनों अध्यापक तो समय से आकर बच्चों को पढ़ाते हैं। लेकिन अब विद्यालय भवन का निर्माण ना होने के चलते कभी टीन सेट के नीचे तो कभी पीडब्ल्यूडी की सड़क पर बच्चे पढ़ाई करते हैं। वहीं टीन सेट के पास जलभराव हो जाने से जहरीले जंतुओं का भी खतरा बना रहता है। जिसके चलते बच्चे वहां जाने से कतराते भी हैं और सड़क पर ही क्लास चलाई जाती है। अब बड़ा सवाल ये उठता है विद्यालय को जमीन मिलने के बाद भी आखिर शिक्षा विभाग विद्यालय भवन का निर्माण क्यों नहीं करा पाया।