श्रावस्ती में नाबालिग से रेप मामले में पिता-पुत्र को सजा:कोर्ट के आदश पर दर्ज हुआ था मुकदमा, 35000 का जुर्माना भी लगाया

श्रावस्ती2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

श्रावस्ती में नाबालिग से दुराचार के एक मामले में कोर्ट ने सुनवाई की। अपर जिला सत्र न्यायाधीश पास्को एक्ट दिनेश सिंह ने बेटे और उसके बाप को 10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। बताते चलें कि निबर पुत्र संत राम निवासी विशुनापुर थाना सिरसिया ने न्यायालय पर प्रार्थना पत्र दिया।

19 जनवरी 2014 को वह रात लगभग 9:00 बजे अपना खेत देखने चला गया था। उसकी लड़की सोना उम्र करीब 15 वर्ष घर पर अकेली थी। जय जय राम उसको जबरदस्ती उठा ले गया और एक गन्ने के खेत में ले गया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी जय जय राम उसके साथ गन्ने के खेत में ही तीन-चार दिन तक लगातार कई बार दुष्कर्म करता रहा।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

किसी तरह पीड़िता गन्ने के खेत से बाहर निकली एक नजदीकी गांव में पहुंची तो पता चला कि वह अपने बहन के गांव में पहुंच गई है। वहां जाकर अपनी बहन से सारी कहानी बताई। बहन उसको लेकर अपने पिता के घर पर आई पिता थाने पर गया किंतु एफआईआर दर्ज नहीं हुई। वहीं न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई मामले की विवेचना शुरू हुई। अपर जिला सत्र न्यायाधीश रेप अलांग विद पॉक्सो एक्ट की अदालत पर हुआ।

दोनों पर जुर्माना भी लगाया

अपर जिला सत्र न्यायाधीश दिनेश सिंह ने मामले में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए अभियुक्त जय-जय राम को 10 वर्ष सश्रम कारावास व उसके पिता राम धीरज को 7 वर्ष सश्रम कारावास व 35000 के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट रोहित गुप्ता और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सत्येंद्र बहादुर सिंह द्वारा किया गया है।

खबरें और भी हैं...