कानून की जानकारी से खुद को रखें सुरक्षित:बभनी में पुलिस ने आयोजित की पाठशाला, महिलाओं को दी हेल्पलाइन की जानकारी

इटवा2 महीने पहले
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बभनी में महिला पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को जागरूक किया। - Dainik Bhaskar
बभनी में महिला पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को जागरूक किया।

पुलिस प्रशासन द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत विद्यालयों एवं गांवों में पाठशाला आयोजित की जा रही है। पुलिस का प्रयास कि छात्राएं हों या ग्रामीण महिलाएं वह शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक हों। शिक्षा के माध्यम से वह जहां आत्मनिर्भर बन सकती हैं तो सुरक्षा के संबंध में कानून की जानकारी रखने से वह खुद को सुरक्षित रख सकती हैं। इसी उद्देश्य से गांवों में सशक्तीकरण, महिलाओं को सुरक्षा एवं जागरूकता के अभियान के तहत पाठशालाएं आयोजित हो रही हैं।

बभनी गांव स्थित विद्यालय में आयोजित पाठशाला में थानाध्यक्ष घनश्याम सिंह ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा और सुरक्षा की दिशा में जागरूक होना जरूरी है। शिक्षित रहेंगी तो अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होंगी और फिर उत्पीड़न जैसी घटनाओं का विरोध करेंगी। स्वावलंबन के लिए शिक्षा का विशेष महत्व है। सभी महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए। किसी प्रकार की घटनाएं छुपाएं, क्योंकि इससे अपराध बढ़ता है और अपराधियों के हौसले भी बढ़ते हैं।

महिला पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूक किया।
महिला पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूक किया।

रहें निडर, घटनाओ का करें विरोध
महिला बीट पुलिस अधिकारी साधना मौर्य ने कहा कि सभी लोग निडर रहें और अगर कोई घटना होती है तो उसका विरोध करें। राह चलते हुए कोई आपत्ति जनक टिप्पणी करता है तो इसकी जानकारी अपने घर वालों को दें। आवश्यकता पड़ने पर हेल्पलाइन पर फोन करें, पुलिस ऐसे तत्वों को सबक सिखाने का काम करेगी।

हेल्पलाइन नंबरों के बारे में रखें जानकारी
महिला आरक्षी प्रांशी सिंह ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की मदद ले लें। 1090 वुमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्प लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन, 112 पुलिस हेल्प लाइन, 1098 चाइल्ड लाइन के संबंध में सभी को जागरूक किया। जागरूकता संबंधित पाठशाला में हेड कांस्टेबल राजेन्द्र यादव, हेड कांस्टेबल शमशेर अहमद खान, गोवर्धन गुप्ता समेत ग्रामीण महिलाओं में नीलम, शांति, ममता, कमलावती, संगीता, सावित्री, कविता आदि मौजूद रहीं।

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