इटवा में फाइलेरिया का माप अप राउंड समाप्त:12628 को खिलाई गई फाइलेरिया व कीड़ी की दवा, पहले चरण में करीब दो लाख लोगों को दी गई थी दवा

इटवा (सिद्धार्थनगर)4 महीने पहले
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इटवा ब्लाक क्षेत्र में 31 मई से 6 जून तक चलने वाला फाइलेरिया का माप अप राउंड सोमवार को संपन्न हुआ। इसमें उन लोगों फाइलेरिया रोधी और कीड़ी की दवा खिलाई गई जो जो 27 मई तक चले पहले चरण के अभियान में किसी कारणवश छूट गए थे।माप अप राउंड में भी 176 टीमों ने घर-घर जाकर पात्रों को दवा खिलाने का काम किया। सायं पांच बजे सीएचसी इटवा में इससे संबंधित बैठक आयोजित हुई, जिसमें दोनों चरण के अभियान की समीक्षा की गई।

12 से 27 मई तक चला था मुख्य अभियान
फाइलेरिया अभियान 12 से 27 मई तक चला था। इटवा ब्लॉक में 2 लाख 20 हजार लोगों को फाइलेरिया और कीड़े की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूरे ब्लाक क्षेत्र में 176 टीमें गठित की गई थीं। जिसमें आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व स्वयं सेवियों को लगाया गया था। 35 सुपरवाइजर द्वारा इसकी निगरानी की जा रही थी। एक सुपरवाइजर को पांच टीम की जिम्मेदारी दी गई थी। अभियान की तिथि समाप्त होने तक लक्ष्य के सापेक्ष 1 लाख 88 हजार, 914 लोगों को दी खिलाई गई थी।

घर-घर जाकर लोगों को दी गई दवा।
घर-घर जाकर लोगों को दी गई दवा।

छूटे हुए लोगों के लिए चला दूसरा चरण
छूटे हुए लोगों को दवा खिलाने के उद्देश्य से दूसरा चरण 31 मई से प्रारंभ हुआ। फाइलेरिया माप अप राउंड का ये अभियान 6 जून तक चलाया गया। इसमें उन लोगों को दवा खिलाई गई जो अभियान के दौरान बाहर थे, स्कूल में थे अथवा इंकार कर रहे थे। 176 टीमों की ओर पुन: घर-घर जाकर दवा खिलाने का कार्य किया गया। इस राउंड में 12628 को दवा दी गई।

बैठक में की गई समीक्षा
सोमवार की सायं सीएचसी इटवा में फाइलेरिया अभियान से संबंधित बैठक हुई। अधीक्षक डॉ. बीके वैद्य, चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप द्विवेदी, यूनिसेफ समन्वयक रिजवाना अंसारी, बीपीएम अनिल यादव, अभियान पर्यवेक्षक ओम प्रकाश त्रिपाठी मौजूद रहे। बैठक में दोनों चरणों के कार्यक्रम की समीक्षा की गई। बीपीएम अनिल यादव व पर्यवेक्षक ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती माताएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों को छोड़ कर सभी पात्रों दवा दी गई।

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