बदहाल व्यवस्था से बीमार चल रहा सीएचसी बेवां:पेयजल और बिजली व्यवस्था बदहाल, जेनरेटर बना शोपीस

सिद्धार्थनगर2 महीने पहले
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शोपीस में रखा जेनरेटर। - Dainik Bhaskar
शोपीस में रखा जेनरेटर।

जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बेवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के लिए एक वरदान के रूप में स्थापित हुआ था। जिससे तत्कालीन समय में क्षेत्रीय लोगों में इस बात की खुशी हुई कि अब लोगों को लंबी दूरी तय कर बस्ती, गोरखपुर के लिए नहीं जाना पड़ेगा। सीएचसी में कागजी तौर पर सभी प्रकार की केंद्रीय और राज्य योजनाओं का संचालन होता है लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट में देखा जाए तो अधिकांश पात्र इस योजनाओं से वंचित रहते हैं।

अस्पताल में लगा रहता है गंदगी का अंबार

लगभग कई वर्षों से अस्पताल का भवन जर्जर अवस्था में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है अधिक शिकायत करने के बाद बीच-बीच में अधिकारी सरकारी धन का बंदरबांट करने की स्थिति नाम मात्र की मरम्मत करा देते हैं जो कुछ ही दिनों बाद फिर ज्यों का त्यों हो जाता है। अस्पताल प्रांगण के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। साथ ही सीएचसी पर आए मरीज और तीमारदार उमस भरी गर्मी में शुद्ध पेयजल व विद्युत आपूर्ति को लेकर काफी परेशान होते हैं।

हैंडपंप के पास लगा गंदगी का अंबार।
हैंडपंप के पास लगा गंदगी का अंबार।

सीएचसी में रखा जेनरेटर मात्र दिखावा

अस्पताल में जहां मरीज अपने स्वास्थ्य को सही करने के लिए आते हैं वही यहां पर दूषित पानी पीकर वह और भी अधिक संक्रमित हो जाते हैं। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि यहां पर लाइट विद्युत आपूर्ति पर ही जलती है यदि आपूर्ति बाधित हो जाती है तो आपातकालीन व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। जबकि अस्पताल प्रांगण में हाथी का दांत बना साइलेंट जनरेटर रखा हुआ है जो कि लंबे अरसे से साइलेंट ही है।

अस्पताल में पड़ी गंदगी।
अस्पताल में पड़ी गंदगी।

शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ सुधार

लोगों की माने तो अस्पताल भवन में लो वोल्टेज के चलते अधिकांश पंखे नहीं चलते हैं यदि किसी मरीज को और तीमारदार को रात बितानी पड़ी तो वह अपने आप में एक बड़ा संघर्ष है। ऐसे में पिछले व कई अधीक्षक के स्थानांतरण होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन में कोई सुधार नहीं आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक विभाग के आला अधिकारी स्थानीय अधिकारियों पर अपनी लगाम नहीं करेंगे तो यह बदहाली आगे भी बनी रहेगी।

एसडीएम बोले, जल्द अस्पताल में बहाल होगी सुविधाएं

जबकि करोड़ों रुपए का सालाना बजट स्वस्थ एवं स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा खर्च किया जाता है। लेकिन शासन की मंशा को बंदरबांट के आगे सरकारी अधिकारी व कर्मचारी पलीता दिखा रहे हैं। बदहाल अस्पताल प्रशासन की बीमारी को दूर करने के लिए लोगों ने शासन प्रशासन से अपील की है कि यहां पर जांच कर व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। इस संबंध में उपजिलाधिकारी विकास कश्यप ने कहा कि जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा की व्यवस्था को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है।

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