सिद्धार्थनगर में मूर्ति विसर्जन के लिए बनाया सरोवर:एनजीटी के नियमों के तहत होगा विसर्जन, नदी को प्रदूषण से बचाने की कवायद

सिद्धार्थनगर2 महीने पहले
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सिद्धार्थनगर में मूर्ति विसर्जन के लिए सरोवर बनाया गया है। - Dainik Bhaskar
सिद्धार्थनगर में मूर्ति विसर्जन के लिए सरोवर बनाया गया है।

सिद्धार्थनगर में दुर्गा महोत्सव में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन इस बार राप्ती अथवा अन्य नदियों में नहीं हो सकेगा। सरकार नदियों को स्वच्छ रखने के लिए मुहिम चला रही है। ऐसे में अगर प्रति वर्ष की तरह नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन होता है तो जहरीले रंगो के रसायन व अवशेष नदी के जल को प्रदूषित करेंगे।

इसलिए इस बार राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण एनजीटी ने सरकार को निर्देशित किया है कि नदी में प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाएं। प्रशासन ने नियम के अनुपालन के लिए कमर कस ली है। सोमवार को तहसील प्रशासन ने राप्ती तट डुमरियागंज के निकट ही विसर्जन के लिए तालाब की खोदाई प्रारंभ कराई। पुलिस के साथ प्रशासनिक अमला दुर्गा महोत्सव का आयोजन करने वाली कमेटियों से संपर्क कर नदी में प्रतिमा न विसर्जित करने की हिदायत दे रहे हैं।

सरोवर में किया जाएगा ‌विसर्जन
एसडीएम कुनाल सिंह ने राजस्व टीम के साथ विसर्जन के लिए बन रहे तालाब का निरीक्षण किया। बताया कि एनजीटी की गाइडलाइन व शासनादेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन डुमरियागंज द्वारा दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन हेतु राप्ती नदी के दाएं तट पर पर्यावरण की सुरक्षा हेतु सरोवर बनाया गया है। इस वर्ष प्रतिमाओं का सम्मान पूर्वक विसर्जन सरोवर में किया जाएगा। प्रशासन सभी लोगों से अपील कर रहा है कि शासन के निर्देश के क्रम में पर्यावरण की सुरक्षा हेतु सभी लोग बनाए गए सरोवर में प्रतिमा का विसर्जन करें।

लोग कर रहे सहयोग
बता दें कि डुमरियागंज तहसील में 200 स्थानों पर माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित हुई है। एसडीएम ने कहा कि भवानीगंज क्षेत्र में 65 स्थानों पर प्रतिमा स्थापित है। वहां भी कुओं में नदी में विसर्जन नियमानुसार कराने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। भवानीगंज क्षेत्र के विभिन्न सरोवरों की साफ-सफाई का कार्य जिपंस प्रतिनिधि संतोष सैनी ने विसर्जन के मद्देनजर जनसहयोग से कराया।

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