सिद्धार्थनगर में DM पर भड़के अपना दल के विधायक, VIDEO:शोहरतगढ़ MLA ने शिकायतों पर अनदेखी का लगाया आरोप, सांसद जगदंबिका पाल ने कराया शांत

सिद्धार्थनगर2 महीने पहले
सांसद जगदंबिका पाल के सामने डीएम को खरी खोटी सुनाते विधायक विनय वर्मा।

सिद्धार्थनगर में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के दौरान शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा अचानक डीएम संजीव रंजन पर भड़क उठे। मंच पर उन्होंने जिलाधिकारी पर उपेक्षा का आरोप लगाया।

यहां तक कह डाला कि वे जो भी शिकायतें करते हैं, डीएम उसे नजर अंदाज कर देते हैं। मामला बढ़ता देख सांसद जगदंबिका पाल को आगे आने पड़ा और उन्होंने मामले को शांत कराया।

ये है मामला

मेडिकल कॉलेज सभागार में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से जिले के क्षय रोगियों को गोद लिए जाने का कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। जिलाधिकारी संजीव रंजन के बोलने के बाद विधायक विनय वर्मा ने संबोधन शुरू किया तो उन्होंने अधिकारियों पर विधायक का प्रोटोकॉल नहीं मानने का आरोप लगाया।

बोले- जिनकी जांच को कहा, उन्हें ट्रांसफर कर दिया

उन्होंने कहा कि सत्ताधारी भाजपा के सहयोगी दल का विधायक होने के बावजूद कई बार शिकायत के बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो रही है। जिन अधिकारियों की जांच होनी चाहिए, उन्हें स्थानांतरित कर दिया जा रहा है।

इस बीच सांसद जगदंबिका पाल माहौल को संभालने का प्रयास करते दिखे। वे खड़े होकर विधायक को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बात करने को समझाते नजर आए। इस बीच मंच पर बैठने के बाद भी विधायक अपनी बात दोहराते रहे, जबकि बगल में बैठे जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

विधायक बोले- हमें काम करने वाला अधिकारी चाहिये

विधायक विनय वर्मा का कहना है कि उनके क्षेत्र में काम करने वाला अधिकारी चाहिए। स्थानीय स्तर की समस्याओं का निदान नहीं होने पर उन्होंने मुख्य सचिव से बात की तो उन्होंने जिलाधिकारी को बैठकर बात करने के निर्देश दिए, लेकिन डीएम की तरफ से कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि फोन पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। हर समय तो वे दौड़कर डीएम के पास नहीं जा सकते।

विधायक के सम्मान में नहीं होती है कोई कमी

डीएम संजीव रंजन ने कहा कि उनके पास विधायक की तरफ से जो भी मामले आते हैं, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को जांच एवं कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने अनदेखी करने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि प्रोटोकाल के अनुसार विधायक का सम्मान किया जाता है। भाजपा के सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित हुआ था।

वायरल हो रहा वीडियो

कार्यक्रम के कुछ देर बाद विधायक के तेज स्वर में बोलने और सांसद के मनाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने लगा। सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में 136 जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने 517 टीबी मरीजों को गोद लिया है।