महोली में रिश्वतखोरी के आरोप में निलंबित हुआ लेखपाल:डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई, फौजी की विधवा से भी वरासत के एवज में वसूले थे 3 हजार रुपये

महोली19 दिन पहले

नवागत डीएम अनुज सिंह ने स्टांप चोरी में रिश्वतखोरी की शिकायत पर एक लेखपाल को निलंबित करने का निर्देश दिया। उनकी इस कार्रवाई के बाद तहसील में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने कई विभाग के अधिकारियों के पेंच कसे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शनिवार को जिला अधिकारी अनुज सिंह महोली तहसील में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे और फरियादियों का दर्द सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को समस्या का समुचित समाधान करने का निर्देश दिया। डीएम की मौजूदगी में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान 86 लोगों ने अपने-अपने प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किए। जिनमें से 2 का निस्तारण मौके पर किया गया। इन शिकायतों में राजस्व की 66, पुलिस विभाग की 10, विकास विभाग की 3 और अन्य विषय से संबंधित 7 शिकायतें थीं।

डीएम ने कहा, इस लेखपाल को निलंबित करो
तहसील दिवस में सुनवाई के दौरान जलालपुर (कुसैला) गांव के आशाराम प्रार्थना-पत्र लेकर डीएम के सामने पहुंचे। आशाराम ने बताया कि उन्होंने पाल्हापुर में एक जमीन खरीदी थी। जिसके बैनामा को लेकर लेखपाल ने रिश्वत मांगी थी। न देने पर उसने स्टांप चोरी की कमी निकाल दी। डीएम के सवाल पर संत कुमार तिवारी ने चोरी के बाद सीनाजोरी की। जिससे नाराज डीएम ने एसडीएम को आरोपित लेखपाल को निलंबित करने का निर्देश दिया।

फौजी की बेवा से भी ली थी घूस
संत कुमार तिवारी अपनी रिश्वतखोरी को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। करीब 2 वर्ष पूर्व निमचेना गांव के सेवानिवृत्त सैनिक दिनेश मिश्रा की मृत्यु हो गई थी। फौजी की बेवा मूली देवी को वरासत और उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र बनवाना था। जिसके एवज में इसी लेखपाल संत कुमार तिवारी ने उनसे पांच हजार रुपये मांगे थे। तीन हजार रुपये उन्होंने दे भी दिए थे लेकिन शेष दो हजार रुपए लिए बिना संत कुमार तिवारी ने उनके अभिलेख नहीं बनाए थे।

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