तहसीलदार ने लिया संज्ञान, पीड़ित को दिलाया कब्जा:6 घंटा थाने के गेट पर बैठा रहा परिवार, नहीं मिले थानेदार गांव से पलायन को मजबूर हुआ था परिवार

महोलीएक महीने पहले
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दबंगों की प्रताड़ना से तंग हो गांव से पलायन करने और थाने के गेट पर आकर मदद मांगने वाले परिवार की पीड़ा को भले ही पिसावां पुलिस ने नज़र अंदाज़ किया हो, लेकिन तहसीलदार ने इस प्रकरण पर गंभीरता दिखाई है।'दैनिक भास्कर' की खबर का संज्ञान लेने के बाद तहसीलदार ने राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई और पीड़ित परिवार को कब्जा दिलाने के बाद आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई का आदेश भी दिया है। रविवार को 'दैनिक भास्कर' ने इस प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

थाने के बाहर 6 घंटे बैठा रहा परिवार
रविवार को 'दैनिक भास्कर' दबंगों के भय से परिवार ने किया पलायन' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर हुए उस लक्ष्मी नारायण अवस्थी के परिवार की पीड़ा की ओर पुलिस-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने का प्रयास किया था, जो गांव के दबंगों की प्रताड़ना से तंग होकर घर से पलायन करने को बाध्य हुआ था। शनिवार को ट्रैक्टर-ट्राली में सामान भरकर लक्ष्मी नारायण जब सपरिवार थाने के गेट पर पहुंचा तो वहां घंटों बैठकर इंतजार किया। लेकिन कोई पुलिसकर्मी उसकी पीड़ा जानने में इच्छुक नहीं दिखा। लक्ष्मी नारायण की मानें तो‌ करीब 6 घंटे बाद बीट के दारोगा उसे अपने साथ गांव ले गए और दबंगों द्वारा दोबारा धमकाने पर उनका वीडियो बना लेने का ज्ञान दिया और वापस चले आए।

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तहसीलदार ने कहा आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई हो
खबर का संज्ञान लेने के बाद तहसीलदार ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने‌ पुलिस टीम की मौजूदगी में राजस्व टीम को मौके पर भेजकर जांच-पड़ताल कराने का निर्देश दिया। रविवार की दोपहर मौके पर पहुंची राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच- पड़ताल के बाद लक्ष्मी नारायण के आरोपों को सही माना।

इस दौरान उन्होंने लक्ष्मी नारायण के कब्जे वाले मकान को शर्मा व शांती पुत्रगण पुत्तूलाल तथा बबलू व लक्कू पुत्रगण भुनई के अवैध कब्जे से पुराना मकान कब्जा मुक्त कराते हुए उन्हें काबिज कराया और लिखा-पढ़ी की। तहसीलदार ने आरोपियों विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने के लिए थानेदार को भी निर्देशित किया।‌‌ तहसील प्रशासन की सक्रियता के बाद से मुख्य आरोपी फरार है।