सीतापुर में बाढ़ के हालात:30 गांव बाढ़ की चपेट में, पानी में डूबे रास्ते; नाव से किया जा रहा है लोगों को रेस्क्यू

सीतापुर2 महीने पहले
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सामुदायिक शौचालय भवन, निर्माणाधीन पंचायत भवन और सरकारी स्कूल नदी की तेज धाराओं के निशाने पर हैं। - Dainik Bhaskar
सामुदायिक शौचालय भवन, निर्माणाधीन पंचायत भवन और सरकारी स्कूल नदी की तेज धाराओं के निशाने पर हैं।

सीतापुर जनपद के गांजर क्षेत्र के 30 गांव के करीब 160 मजरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने खाने पीने जैसी अनेक समस्याएं उत्पन्न हो गई है। वहीं ग्रामीण अपने अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तरफ घरेलू सामग्री का सामान बटोर कर परिवार सहित पलायन हो रहे हैं। किसानों की सैकड़ों बीघा धान, उड़द, गन्ना, जैसी फसलें डूब कर नष्ट हो गई हैं। वहीं कुछ ग्रामीण फसल को पानी से निकालकर सड़कों व गलियारों में एकत्रित कर रहे हैं। तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने मवेशियों के चारे जैसी इत्यादि समस्याओं को लेकर एक बड़ी समस्या खड़ी है।

ग्रामीण बाढ़ के पानी से गुजर कर सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर रहे हैं। मवेशियों को खाली पड़ी जमीन पर ग्रामीण बांध रहे हैं। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों की किस्मत में पानी ही पानी लिखा हुआ है। जिसको देखते हुए हजारों परिवार अपने अपने परिवार के पालन पोषण एवं खाने-पीने की व्यवस्था कहीं खुले आसमान के नीचे तो कहीं तख्त, नाव, ट्रैक्टर ट्राली और मकानों की छतों के ऊपर महिलाएं खाना चूल्हे पर बना रही हैं।

हजारों परिवार अपने अपने परिवार के पालन पोषण एवं खाने-पीने की व्यवस्था कहीं खुले आसमान के नीचे तो कहीं तख्त, नाव, ट्रैक्टर ट्राली और मकानों की छतों के ऊपर महिलाएं खाना चूल्हे पर बना रही हैं।
हजारों परिवार अपने अपने परिवार के पालन पोषण एवं खाने-पीने की व्यवस्था कहीं खुले आसमान के नीचे तो कहीं तख्त, नाव, ट्रैक्टर ट्राली और मकानों की छतों के ऊपर महिलाएं खाना चूल्हे पर बना रही हैं।

बैराजो से छोड़े गए पानी से बाढ़ के हालात

शारदा नदी के पानी ने तटवर्ती इलाके कम्हरिया, शेखूपुर ,बढ़ईन पुरवा आदि गांवों को घेर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ईन पुरवा ,कम्हरिया शेखू पुर में लगभग दो सैकड़ा परिवार निवास करते है। काशीपुर, जटपुरवा, मेउड़ी छोलहा, श्रीराम पुरवा,गोड़ीयन पुरवा ,ताहपुर सिरसा, चौंसा, बजहा, दुलामऊ, नारायण पुर, जाफरपुर, कोलिया छड़िया, चहलारी राजापुर डलिया व गौलोक कोडर आदि दो दर्जन से अधिक गांव घाघरा व शारदा नदी की बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। इसके साथ ही दर्जनों कच्चे पक्के सम्पर्क मार्गों पर बाढ़ के पानी के तेज बहाव के चलते आवागमन बाधित हो गया है।

ग्राम पंचायत गौलोक कोडर के मजरा दुर्गा पुरवा के बाशिंदे नदी के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर भयभीत हैं। मेउड़ी छोलहा के निकट शारदा नदी का पानी नदी के पेट से निकल कर गलियारों से होता हुआ गांवों घरों में प्रवेश कर गया है। जहां मेयोड़ी छोलहा गांव के मुरली, मुन्नी लाल, संतराम के घर नदी में समाहित हो गए। वहीं सामुदायिक शौचालय भवन व निर्माणाधीन पंचायत भवन को नदी की तेज धाराओं के निशाने पर हैं। गोलोक कोडर क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ कर गांवों घरों में प्रवेश कर गया है।

दर्जनों कच्चे पक्के सम्पर्क मार्गों पर बाढ़ के पानी के तेज बहाव के चलते आवागमन बाधित हो गया है।
दर्जनों कच्चे पक्के सम्पर्क मार्गों पर बाढ़ के पानी के तेज बहाव के चलते आवागमन बाधित हो गया है।

प्रशासन नावों से लोगो को निकालने में जुटा

उपजिलाधिकारी बिसवां अनुपम मिश्र ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन द्वारा बाढ़ क्षेत्र में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। राजस्व कर्मचारियों व पीएसी बल को बाढ़ क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। तहसीलदार बिसवां अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गौलोक कोड़र में 25 नावें लगाई गई हैं। साथ ही मेउड़ी छोलहा में सात नावें लगाई गई हैं।