टिकट कटने पर फूट-फूटकर रोने लगे भाजपा नेता:साकेत मिश्रा ने कहा- सांसद मुझे किसी बड़े पद पर देखना नहीं चाहते, सपा से चुनाव लड़ने के लिए गोटियां बिछा रहे

सीतापुरएक वर्ष पहले
सीतापुर में बीजेपी नेता साकेत मिश्र ने सांसद राजेश वर्मा पर लगाये आरोप।

सीतापुर की सदर सीट से भाजपा के दावेदार टिकट कटने पर फूट- फूटकर रोने लगे। भाजपा से उनके बगावती सुर का वीडियो सामने आया है। साकेत मिश्रा ने भाजपा सांसद राकेश वर्मा को टिकट कटने का जिम्मेदार बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजेश वर्मा उन्हें पार्टी में पद पर देखना नहीं चाहते हैं इसलिए वह जिलाध्यक्षी से लेकर विधायकी की दावेदारी में नाम आने पर उनका रास्ता काट देते हैं।

उन्होंने कहा कि बीजेपी को मैं कभी छोड़ना नही चाहता था, लेकिन अब बीजेपी ने ही मुझे छोड़ दिया है तो अब मैं शांत बैठने वाला नही हूं। सपा के हिसाब से गोटियां बिछाई जा रही। लग रहा है कि टिकट किसी समाजवादी ने बांटे हैं। क्या पैसा ही सब कुछ है। मैं वो नहीं होने दूंगा, जो ये चंद दलाल सीतापुर में करना चाहते हैं। राकेश वर्मा की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सपा की गोटे बिछाई जा रही हैं क्योंकि हो सकता है किसी को अगला चुनाव सपा से लड़ना हो।

दरअरल, साकेत मिश्रा भाजपा में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं। सदर सीट से वह खुद को प्रबल दावेदार हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें दिल्ली से चुनाव लड़ने की तैयारी करने के लिए फोन आया था। संगठन के लोगों ने सीतापुर की सदर सीट और महोली सीट दोनों पर नामांकन पत्र खरीदने के लिए कहा, लेकिन प्रत्याशियों की लिस्ट में मेरा नाम नहीं था।

साकेत मिश्रा भाजपा में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं। वह सदर सीट से प्रबल दावेदार हैं।
साकेत मिश्रा भाजपा में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं। वह सदर सीट से प्रबल दावेदार हैं।

पति-पत्नी को लड़ा दे रहे

साकेत मिश्र ने कहा कि मेरा 21 सालों का संघर्ष है लेकिन कोई कदर नहीं है। ये जो यहां चल रहा है इसमें योगी और मोदी जी का हाथ नहीं होगा क्योंकि शायद उनको भी हटाने की कोशिश चल रही होगी। टिकट बंटवारे को लेकर पैसों का खेल हुआ है। यहां के नेता वर्तमान विधायक राकेश राठौर को लेकर आये थे, लेकिन वह स्वाभिमानी व्यक्ति था। इन नेताओं के कहे अनुसार नहीं चला तो उसको भी दरकिनार कर दिया।

मंत्री स्वाति सिंह का टिकट कटने पर बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि अब तो वहां टिकट के लिए पति--पत्नी को लड़वाए दे रहे हैं, लेकिन मेरे यहां तक अभी नहीं पहुंच पाए हैं। टिकट कटने के बाद अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आज नामांकन के आखिरी दिन साकेत मिश्र निर्दलीय ही चुनाव लड़ें।

साथ नहीं बैठा तो टिकट काट दिया

साकेत मिश्र ने कहा कि एक जहीर भाई मेरे घर आए। बोले कि चलकर सांसद राजेश वर्मा और राजू अग्रवाल के साथ बैठ लो और फाइनल कर लो। किसी को इस सीट से लड़ा दो तो किसी को महोली सीट से लड़ा दो। साकेत मिश्र ने कहा कि उन्होंने मना कर दिया कि टिकट मिले या न मिले लेकिन वह उन नेताओं का घर बैठने के लिए नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर शायद मैं जाता तो टिकट मेरे हो जाता, लेकिन मैं स्वाभिमानी व्यक्ति हूं इसलिए मै नहीं गया और इसी के चलते मेरा टिकट सांसद ने कटवा दिया।

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा सांसद राजेश वर्मा। (फाइल फोटो)
पीएम नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा सांसद राजेश वर्मा। (फाइल फोटो)

सांसद के कहने पर दूसरे को दिया टिकट

साकेत मिश्र ने कहा दोस्त होने के नाते मैंने राजेश वर्मा का प्रचार प्रसार किया और वह सांसद का चुनाव जीत गये लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में सांसद राजेश वर्मा ने ही साकेत मिश्र का टिकट कटवा दिया। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी और नेता उन्हें आखिरी टाइम तक विश्वाश दिलाते रहे और बांधे रहे कि टिकट आपका ही होगा और उसके बाद सांसद राजेश वर्मा के चलते साकेत मिश्रा का टिकट काटकर दूसरे नेता को दे दिया गया।

राजेश वर्मा के लिए मैंने किया था प्रचार

साकेत मिश्र ने कहा कि देखते ही देखते 2019 में लोकसभा का चुनाव आया और पार्टी की तरफ से फ़ोन आया कि आप सांसदी की तैयारी करिए वर्तमान सांसद का टिकट कटना है लेकिन फिर पार्टी ने राजेश वर्मा को टिकट दे दिया है। टिकट मिलने के बाद राजेश वर्मा सहित पार्टी के कई नेता चुनाव प्रचार कराने के लिए मेरे पास आये तो मैं फिर निकला और राजेश वर्मा फिर चुनाव जीत गए।

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