सीतापुर में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों पर मारा छापा:बिना पंजीकरण चल रहा प्राइवेट अस्पताल किया सीज,कई चिकित्सीय इकाइयों को जारी किया नोटिस

सीतापुर3 महीने पहले
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सीतापुर में स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पताल किया सीज - Dainik Bhaskar
सीतापुर में स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पताल किया सीज

सीतापुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवैध रूप से बिना परमीशन चल रहे निजी चिकित्सालयों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाई की है। निजी स्वास्थ्य सुविधायें प्रदान करा रहे निजी चिकित्सीय अस्पतालों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों एवं अपंजीकृत रूप से संचालित निजी चिकित्सीय इकाईयों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु डा० सुरेन्द्र शाही और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/नोडल अधिकारी द्वारा आज सीतापुर का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान बंगाली क्लीनिक, सतीश नगर लोधौरा बाजार, हरदोई रोड सीतापुर का निरीक्षण किया गया। यहां पर श्री जीके सरकार द्वारा बिना किसी चिकित्सीय योग्यता के क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। इस दौरान मौके पर जीके सरकार उपस्थित नहीं थे और स्वास्थ्य टीम ने नोटिस निर्गत करते हुये तत्काल क्लीनिक को बंद करा दिया गया।

कई चिकित्सालयों पर हुयी कार्यवाई

स्वास्थ्य टीम ने आज कस्बों में अजय श्रीवास्तव झोलाछाप चिकित्सक की क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। यहां टीम के सामने क्लीनिक संचालित था परन्तु चिकित्सक मौके से फरार हो गया था। स्वास्थ्य टीम ने क्लीनिक को भवन मालिक की उपस्थित में बंद कराते हुये नोटिस चस्पा कर दिया गया। इसके बाद ही विश्वास हास्पिटल इलसिया ग्राण्ट हरदोई रोड सीतापुर का निरीक्षण किया गया और उक्त हास्पिटल बंद पाया गया और कार्यालय अभिलेखों के अनुसार उक्त हास्पिटल अपंजीकृत है। स्वास्थ्य टीम ने हास्पिटल पर नोटिस चस्पा करने की कार्यवाही की गयी।नोडल अधिकारी डा० सुरेन्द्र शाही ने बताया कि कई हास्पिटल/क्लीनिक मानकों के विरूद्ध संचालित अवस्था में पाये गये है और जिनके विरुद्ध कार्यवाही की गयी है।

बिना पंजीकरण नही होगा संचालन

नोडल अधिकारी ने बताया कि The Clinical Establishment Registration & Regulation Act 2010 के तहत पंजीकरण होने के उपरान्त ही निजी चिकित्सीय इकाई का संचालन अधिकृत माना जायेगा। उन्होंने बताया कि ऐसे किसी भी निजी चिकित्सीय इकाईयों को चिकित्सीय व्यवसाय नही करने दिया जायेगा, जिनके द्वारा शासन प्रशासन द्वारा निर्गत निर्देशों का पालन नहीं किया जायेगा और साथ ही यह भी अवगत कराया कि भविष्य में इस प्रकार की विभागीय कार्यवाही चलती रहेगी। जिससे अनाधिकृत रूप से चिकित्सीय व्यवासाय कर रहे चिकित्सको एवं झोला छाप चिकित्सकों पर लगाम लगायी जा सकें।

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